
कवर्धा. कवर्धा में रहने वाले छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गजानंद कुंभकार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। शनिवार को घर में फं दे से लटका उनका शव मिला है। गजानंद कुंभकार कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। रात में ही उनको एम्स रायपुर (AIMS Raipur) से ईलाज कराकर कवर्धा लाया गया था। आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। गजानंद कुंभकार की पहचान केवल माटी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के रूप में ही बस नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रसिद्ध मूर्तिकार की भी रही है।
ऑन डिमांड रहती थी गजानंद के हाथ की बनाई मूर्तियां
गजानंद दुर्गा प्रतिमा बनाने के लिए पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध थे। दूर-दूर तक उनके मूर्ति की मांग रहती थी। सबसे खास बात कि वे गिनती के प्रतिमा बनाते हैं और वो जीवंत होती थी। गर्मी के दिनों से ही वे क्वांर नवरात्रि के लिए प्रतिमा बनाना शुरू कर देते थे। डिमांड इतनी रहती थी कि वे पूर्ति नहीं कर पाते थे। कोई भी मूर्ति को देख के बता सकता था कि इतनी बारीक, साफ महीन कारीगरी गंजानंद कुंभकार की ही हो सकती है। जिले सहित प्रदेश ने एक नायाब मूर्तिकार असमय ही खो दिया, जिसका नगरवासियों को बेहद दु:ख पहुंचा है।
पुलिस कर रही जांच
छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गजानंद कुंभकार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत से शहर में हड़कंप मच गया है। आत्महत्या जैसी बात किसी के गले से नहीं उतर रही है। इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजनों से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है।