Kawardha Suicide: कवर्धा में छड़-सीमेंट कारोबारी ने कर्ज में दिए करोड़ों रुपए वापस नहीं मिलने पर परिवार समेत जहर खाकर सुसाइड की कोशिश की। सभी चारों की हालत गंभीर बनी हुई है…
Kawardha Suicide: शहर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जहां लोहे के एक व्यापारी ने कथित रूप से अपने पूरे परिवार के साथ जहर सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद चारों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले ने पूरे शहर में चिंता और चर्चा का माहौल बना दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार कवर्धा निवासी व्यापारी योगेश जैन ने मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात यह कदम उठाया। योगेश जैन(42) ने पत्नी सुमन जैन (37) बेटी तारिका (16) और बेटे प्रिंस (17) के साथ जहर खा लिया या फिर उन्हें भी जहर सेवन कराया। घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार के सदस्यों की हालत बिगडऩे पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां सभी का उपचार जारी है। योगेश जैन का लोहारा रोड स्थित भागुटोला के पास छड़-सीमेंट की दुकान है।
घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 3 पेज के सुसाइड नोट में करीब चार करोड़ रुपए के लेनदेन का जिक्र किया गया है। यह भी उल्लेख है कि चार से पांच व्यक्ति के पास उनका लेनदेन के रुपए बकाया है। इसमें एक व्यक्ति के पास तो तीन करोड़ रुपए से अधिक राशि बकाया है।
वर्ष 2020 से 2025 तक उसे चार ट्रेडर्स के नाम पर 3 करोड़ 20 लाख रुपए दिए, लेकिन उसने राशि वापस नहीं किए। जब भी रुपए की मांग करता टाल मटोल करता। कुछ माह पूर्व से तो उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो करना है कर लो रुपए वापस कर नहीं करुंगा। इसकी रिकॉर्डिंग भी पीडि़त के पास है। आखिर में तंग आकर उसने अपने परिवार के साथ जान देने की सोची। वहीं इस मामल में अधिकारियों का कहना है कि नोट की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी बयान दर्ज नहीं हो सका है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पीडि़त परिवार के किसी भी सदस्य का बयान दर्ज नहीं हो सका है क्योंकि सभी की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस का मानना है कि जब तक परिवार के सदस्य बयान देने की स्थिति में नहीं आते, तब तक मामले की सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल होगा। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या यह वास्तव में आत्महत्या का प्रयास है या इसके पीछे कोई साजिश। क्या परिवार ने स्वेच्छा से जहर सेवन किया या किसी ने मजबूर किया। सुसाइड नोट वास्तव में व्यापारी द्वारा लिखा गया है या किसी ने भटकाने के लिए तैयार किया। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है।
इस घटना के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। व्यापारिक लेनदेन, दबाव और मानसिक तनाव जैसे पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फि लहाल इस पूरे मामले की गुत्थी पुलिस जांच पर टिकी हुई है। जैसे ही पीडि़त परिवार बयान देने की स्थिति में आएगाए कई अहम खुलासे होने की संभावना है। यह मामला न केवल एक परिवार की त्रासदी है बल्कि यह भी दर्शाता है कि आर्थिक, सामाजिक या व्यक्तिगत दबाव किस हद तक लोगों को मजबूर कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह बताया कि व्यापारी और उसके परिवार द्वारा जहर सेवन की जानकारी मिली है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कोतवाली पुलिस ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं और सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। नोट में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।