कवर्धा

कवर्धा के जंगल में तेंदुए से आमना-सामना! ग्रामीण ने टांगिया से बचाई जान, हमले में गंभीर रूप से घायल

Human Wildlife Conflict: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में जंगल से लकड़ी लेने गए ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। टेकराम ध्रुव ने टांगिया से पलटवार कर अपनी जान बचाई।
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Updated: 1 Nov 2026, 3:56 PM IST
Leopard Attack on Villager
कबीरधाम जंगल में जानलेवा हमला! (Photo Source- AI Generate)

Leopard Attack on Villager: कबीरधाम जिले में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। लोहारा वन परिक्षेत्र के ग्राम कुटकिपारा में जंगल से लकड़ी लेने गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले के दौरान ग्रामीण ने हिम्मत दिखाते हुए अपने पास मौजूद टांगिया से तेंदुए पर पलटवार किया। ग्रामीण के वार से तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसके हाथ और कंधे पर गहरे जख्म आए हैं। फिलहाल घायल का लोहारा उपस्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया जा रहा है।

Lohara Forest Range: लकड़ी लेने जंगल गया था 35 वर्षीय ग्रामीण

जानकारी के अनुसार, ग्राम कुटकिपारा निवासी 35 वर्षीय टेकराम ध्रुव शनिवार शाम घरेलू उपयोग के लिए लकड़ी लेने पास के जंगल गया था। वह जंगल में लकड़ियां इकट्ठा कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका सामना तेंदुए से हो गया। ग्रामीण कुछ समझ पाता, इससे पहले ही तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से टेकराम घबरा गया और उसने खुद को बचाने के लिए वहां से भागने की कोशिश की। लेकिन तेंदुए ने उस पर पंजों से हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ और कंधे में गंभीर चोटें आईं।

टांगिया से किया पलटवार, जंगल में भागा तेंदुआ

तेंदुए के हमले के बीच टेकराम ने हिम्मत नहीं हारी। खुद को बचाने के लिए उसने अपने पास मौजूद टांगिया से तेंदुए पर वार कर दिया। अचानक हुए इस पलटवार के बाद तेंदुआ वहां से भागकर जंगल की ओर चला गया। इस तरह टेकराम की सूझबूझ और साहस से उसकी जान बच गई, हालांकि हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया। किसी तरह वह घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे तत्काल लोहारा उपस्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।

तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत

इस घटना के बाद कुटकिपारा और आसपास के गांवों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। जंगल से लगे इलाकों में रहने वाले ग्रामीण अब अकेले जंगल जाने से डर रहे हैं। खासकर लकड़ी और अन्य जरूरतों के लिए जंगल जाने वाले लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में कवर्धा शहर के भीतर भी तेंदुए का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद जिले के अलग-अलग इलाकों में तेंदुए के देखे जाने की सूचनाएं मिलती रही हैं। हालांकि, वन विभाग की ओर से सभी सूचनाओं की पुष्टि नहीं की गई है। विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर ही तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

वन विभाग ड्रोन और पिंजरे से कर रहा निगरानी

तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम सक्रिय है। जानकारी के मुताबिक, इलाके में रात के समय पिंजरा लगाकर निगरानी की गई है। इसके साथ ही ड्रोन की मदद से भी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कुटकिपारा में ग्रामीण पर हुए हमले के बाद जंगल से लगे गांवों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।

ग्रामीणों को सलाह दी जा रही है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। कवर्धा जिले में लगातार सामने आ रही वन्यजीवों की मौजूदगी से जुड़ी घटनाएं जंगल से लगे गांवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसे में वन विभाग के सामने वन्यजीवों की निगरानी के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती भी है।

Updated on:
1 Nov 2026, 3:56 PM IST
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