
वन्यजीवों के हमले (फोटो सोर्स- AI)
रायपुर@ राकेश टेंभुरकर। Wildlife Attack Compensation: वन्य प्राणियों के हमले से नागरिकों को किसी भी तरह की जनहानि होने पर अब क्षतिपूर्ति राशि दोगुनी मिलेगी। वन विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही पीडि़त और उनके परिजनों को राशि का भुगतान किया जाएगा। राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में इस पर चर्चा के बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया है। क्षतिपूर्ति राशि में पिछले कई सालों इजाफा नहीं करने पर वन विभाग द्वारा इसकी समीक्षा की गई। साथ ही पडो़सी राज्यों में दिए जाने वाले क्षतिपूर्ति राशि का अध्ययन किया गया।
बता दें कि महाराष्ट्र में जनहानि पर 20 लाख, कर्नाटक में 15 लाख, केरल में 10 और मध्यप्रदेश में लाख रुपए राशि दी जा रही है। इसे देखते हुए तमाम पहलुओं पर विचार करने और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को देखते हुए इसमें इजाफा करने का निर्णय लिया गया है।
क्षतिपूर्ति राशि में शेड्यूल वन के तहत आने वाले बाघ, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेडि़या, जंगली सूअर, गौर, जंगली हाथी, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ, वन भैंसा, सियार, और बंदर को चिन्हांकित किया गया है। उक्त वन्य प्राणियों द्वारा हमला कर घायल करने, मारने और किसी भी तरह की क्षति पहुंचाने पर क्षतिपूर्ति राशि मिलेगी।
अरुण कुमार पाण्डेय, पीसीसीएफ एवं वनबल प्रमुख के मुताबिक, क्षतिपूर्ति राशि में इजाफा करने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से चर्चा के बाद सहमति मिलने पर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्तावित क्षतिपूर्ति राशि में इजाफा होने पर पीडि़त और उनके परिजनों को राहत मिलेगी।
Updated on:
25 Oct 2026, 12:11 PM IST
Published on:
25 Oct 2026, 12:11 PM IST
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