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28-29 अक्टूबर को बारिश का ऑरेंज अलर्ट! 662 करोड़ का कृषि कर्ज दांव पर, धान समेटने में जुटे किसान

Kabirdham Rain Alert: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में 28 और 29 अक्टूबर को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में 662 करोड़ रुपए से अधिक का कृषि कर्ज दांव पर है।
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कवर्धा

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 28 Oct 2026, 3:33 PM IST

Chhattisgarh Weather Alert

कबीरधाम में 662 करोड़ का कृषि कर्ज दांव पर (Photo Source- Patrika)

Chhattisgarh Weather Alert: चक्रवात के प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को कबीरधाम में बारिश की संभावना और ऑरेंज अलर्ट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ सीजन में 85 हजार 780 किसानों ने सहकारी बैंकों से 662 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक का अल्पकालीन कृषि ऋण लिया। जिले के करीब डेढ़ लाख किसानों ने 1.93 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल लगाई है जिसमें लगभग 92 हजार 500 हेक्टेयर में धान की खेती है। मौसम बदलते ही किसानों ने धान की कटाई तेज कर दी है।

किसानों का कहना है कि रीपर मशीन से और हाथों से धान कटवाया जा रहा है। बारिश की आशंका देखते हुए कटी फसल को जल्द समेटने में जुटे हैं, ताकि धान भीगने से बचाया जा सके। अधिकतर किसान फसल काटकर घर पहुंचाने की तैयारी में लगे हैं। जिन किसानों के लिए तत्काल धान घर पहुंचाना संभव नहीं है वे पॉलीथिन से ढककर फ सल बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन खड़ी फसल बचाने कोई उपाय नहीं है।

Paddy Crop Damage: फसल को हो सकता है नुकसान

किसानों के सामने दोहरी चुनौती है। खेतों में खड़ी फसल को तेज बारिश और जलभराव से बचाना है, वहीं कटी फ सल को भीगने से रोकना है। लगातार बारिश से कटाई का काम रुक सकता है। खेतों में पानी भरने पर फ सल निकालना मुश्किल होगा और खलिहान में रखा धान भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। किसानों को आशंका है कि बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई तो आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है।

जिला प्रशासन की तैयारी

संभावित बारिश को देखते हुए कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों की बैठक लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पंचायतों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को तेज बारिश, बाढ़ और जलभराव के प्रति जागरूक करने, जरूरत पडऩे पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों और विशेष सहायता की जरूरत वाले परिवारों की सूची तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इनके सुरक्षित स्थानांतरण के लिए स्वास्थ्य विभाग और 108 एंबुलेंस सेवा से समन्वय बनाने को कहा गया है। पशुधन के लिए ऊंचे स्थानों की पहचान, चारा, पानी और दवाइयों की व्यवस्था करने के साथ पंचायत स्तर पर टॉर्च, रस्सी, प्राथमिक उपचार सामग्री, पेयजल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निगरानी रखी जा रही

निचले इलाकों, जलभराव वाले स्थानों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ एसडीआरएफ होमगार्ड और अन्य बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखने को कहा गया है। जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी, पानी की निकासी की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों को समय रहते चेतावनी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Tulika Prajapati: बाढ़ नियंत्रण कक्ष

जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जहां चौबीस घंटे कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। जनपद पंचायत स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष और संपर्क व्यवस्था सक्रिय रखने तथा ग्राम पंचायतों से मिलने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। पंचायत सचिवों को मुख्यालय में उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।