कवर्धा

सिटी को डेवलप करने 2021 तक का बनाया प्लान, पर योजना भूल अपने अनुसार काम कर रहे विभाग

शहर विकास को मूर्त रूप देने मास्टर प्लान तैयार किया गया, लेकिन यहां के अधिकारी उस योजना को भी भूला दिए
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Updated: 6 Sep 2018, 3:12 PM IST
kawardha
सिटी को डेपलप करने 2021 तक का बनाया प्लान, पर योजना भूल अपने अनुसार काम कर रहे विभाग

कवर्धा . एक दशक पूर्व शहर विकास को लेकर सपना देखा गया। इसे मूर्त रूप देने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया, लेकिन अफसोस यहां के अधिकारी उस योजना को भी भूला दिए और अपने अनुसार कार्य करते जा रहे हैं।

कवर्धा को विकसित शहर का रूप देने के लिए 13 वर्ष पूर्व संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर की ओर से कवर्धा विकास योनजा 2021 प्रारूप तैयार किया गया, ताकि इसी के अनुरूप शहर में विकास कार्य किया जा सके और भविष्य में किसी तरह की दिक्कतें न हो। लेकिन आज प्लान के अनुसार काम नहीं हो पा रहा है। शहर से गुजरने वाले मुख्य सडक़ों की चौड़ाई भी नहीं है, जबकि नगर के भीतर की सडक़ें बिल्कुल सकरें हैं। गलियों की चौड़ाई ९ मीटर और अन्य मुख्य मार्ग से जुडऩे वाली सडक़ें 12 से 18 और 24 मीटर तक होनी चाहिए, लेकिन योजना अनुरूप कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ऐसा लगता मानो शहर के मास्टर प्लान को परे रखकर ही काम किया जा रहा है।

ऋषभदेव चौक से करपात्री चौक तक सडक़ की चौड़ाई 24 मीटर होनी चाहिए, लेकिन आज यह मार्ग १५-२० फीट में सीमट कर रह चुका है। वहीं राजमहल चौक से करपात्री चौक की सडक़ें भी २४ मीटर, गुरुगोविंद सिंह चौक से ऋषभदेव चौक तक की सडक़ २४ मीटर चौड़ाई प्रस्तावित है। वहीं लोहारा नाका से बाजार होते हुए गुरु तेगबहादुर चौक तक सडक़ की चौड़ाई भी २४ मीटर प्रस्तावित है, लेकिन सभी मार्ग की चौड़ाई १५ से २० फीट में खत्म हो जाती है।

१० वर्ष मास्टर प्लान बताया गया कि मार्गों पर अतिक्रमण हो रहा है। कवर्धा छोटा नगर होने के कारण समस्त व्यापारिक गतिविधियां प्रमुख मार्गों पर संचालित हैं। प्राय: सभी मार्गों पर संमत्ति स्वामियों और व्यापारियों द्वारा मार्गों पर अतिक्रमण किए हुए हैं। इन अतिक्रमणों से मार्गों की चौड़ाई और क्षमता प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाएं व आवागमन में असुविधा उत्पन्न होती है।

सडक़ों की चौड़ाई इसलिए अधिक प्रस्तावित किया गया, क्योंकि भविष्य में हर घर वाहन होंगे। कारों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे में यातायात की समस्या भी बढ़ेगी। यदि सडक़ें चौड़ी रहेंगी तो यातायात, जाम की स्थिति नहीं रहेगी। लेकिन यहां पर सडक़ पर ही अतिक्रमण जारी है।

कवर्धा के सीएमओ सुनील अग्रहरि ने बताया कि मास्टर प्लान के अनुरूप कार्य करने में व्यवहारिक दिक्कतें हैं। इसके लिए बड़ा बल चाहिए। सडक़ों की चौड़ाई कम है, बढ़ाने के लिए कई तरह की दिक्कतें सामने आ जाती है।

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6 Sep 2018, 3:12 PM IST
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