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Chhattisgarh Sand Mafia: कवर्धा में तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, 1000 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत जब्त, पांच रसूखदारों पर कसा शिकंजा

Action against sand mafia: कवर्धा में अवैध रेत तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 1000 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत जब्त की।
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Chhattisgarh Sand Mafia

1000 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत जब्त (Photo Patrika)

Illegal Sand Mining: कबीरधाम जिले में मानसून की दस्तक से पहले रेत माफिया ने नदियों को अपनी निजी जागीर बना लिया है। इसी बीच जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पंडरिया ब्लॉक के ग्राम खरहट्टा में करीब 40 लाख रुपए मूल्य की अवैध रेत जब्त की है। टीम ने ग्राम खरहट्टा में दबिश देकर हाफ नदी से अवैध रूप से निकाली गई 2660 घनमीटर रेत जब्त की है। यह मात्रा करीब 1000 ट्रैक्टर ट्रॉली के बराबर आंकी गई है। आमतौर पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली में 100 घनफीट (या 2.83 घनमीटर) रेत आती है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत चार से पांच हजार रुपए है। इस मान से जब्त की गई कुल रेत की अनुमानित कीमत 40 लाख रुपए से अधिक है।

इन पर कसा शिकंजा

रामेश्वर चंद्राकर: इनके कब्जे से सर्वाधिक 1000 घनमीटर (लगभग 353 ट्रैक्टर ट्रॉली) रेत मिली, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए है।
धर्मेंद्र चंद्राकर: इनके पास से 750 घनमीटर रेत जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य करीब 11.25 लाख रुपए आंका गया है।
मुन्ना चंद्राकर: इनके ठिकाने से 450 घनमीटर रेत मिली, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6.75 लाख रुपए है।
पंकज चंद्राकर: इनके यहां से 350 घनमीटर रेत जब्त हुई, जिसकी कीमत करीब 5.25 लाख रुपए है।
विष्णु चंद्राकर: इनके पास से 110 घनमीटर रेत जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य 1.65 लाख रुपए बताया गया है।

बड़ा सवाल: क्या संरक्षकों तक पहुंचेगी जांच की आंच

जिले के इतिहास में अवैध रेत के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई है। इस बड़ी जब्ती के बाद अब आम जनता के बीच यह सवाल तैर रहा है कि क्या प्रशासन की जांच केवल इन पांच चेहरों और जब्ती तक ही सिमट कर रह जाएगी, या फिर पर्दे के पीछे बैठकर इस काले कारोबार को शह देने वाले रसूखदार संरक्षकों और पूरे नेटवर्क को भी बेनकाब किया जाएगा?

वनांचल क्षेत्र बना माफिया का सुरक्षित अड्डा

यह कार्रवाई इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कबीरधाम जिले में लंबे समय से अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। रेंगाखार और पंडरिया के वनांचल क्षेत्र रेत माफिया के सबसे बड़े अड्डे बन चुके हैं, जहां रात-दिन नदियों और नालों का सीना चीरकर रेत निकाली जा रही है। एक ही गांव में हजार ट्रैक्टर ट्रॉली के बराबर रेत का अवैध स्टॉक मिलना यह साबित करता है कि जिले में सिंडिकेट किस कदर हावी है।

वर्जन

ग्राम खरहट्टा के पांच लोगों के खिलाफ अवैध रेत भंडारण के मामले में सख्त कार्रवाई की गई है। खनिज विभाग के नेतृत्व में की गई इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई में राजस्व और पुलिस की टीम भी पूरी तरह शामिल रही।

-संजय महोबिया, तहसीलदार (पंडरिया)