CG City Bus: बस मालिकों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के चलते यात्रियों को मिलने वाली तमाम सुविधाओं से वे वंचित हैं।
CG City Bus: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में बसों में यात्रियों को न तो सुविधा मिल पा रही है और न ही सुरक्षा। बस मालिकों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के चलते यात्रियों को मिलने वाली तमाम सुविधाओं से वे वंचित हैं। यात्री बसों में विभाग और बस मालिकों द्वारा यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही सुविधा पर।
शहर से विभिन्न रुटों पर लगभग 180 बसें व टैक्सी चलती है। इसमें से गिनती के यात्री वाहन ऐसे हैं, जो पूरी तरह फिट हैं। बस स्टैण्ड से रोजाना हजारों यात्री रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जबलपुर के अलावा आसपास के गांवों के लिए रवाना होते हैं लेकिन उनकी सुरक्षा पर विभाग खुद बेपरवाह है।
कई बसें इतनी खराब हो चुकी है, कि कभी भी यात्री पर आफत आ सकती है। न जाने किस मोड़ पर वाहन धोखा दे जाए। इस बात से न ही बस मालिकों को परवाह है और न ही संबंधित विभाग को। कई यात्री बसों के खिड़कियां भी पुराने हो चुके हैं जो शोर मचाती रहती है। यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा के लिए पूरी किताब मौजूद है लेकिन बस संचालक द्वारा सुरक्षा के सारे नियम को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।
बस से रोजाना सैकड़ों महिलाएं सफर करती हैं, लेकिन इनको बैठने के लिए सीट नहीं मिल पाती है। क्योंकि महिलाओं की सीट पर पुरुषों को कब्जा है। राज्य शासन के परिवहन नियम के अनुसार यात्री बसों में महिला यात्रियों के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित है, लेकिन यहां पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। परिवहन नियमों की अनदेखी के कारण महिलाओं को आरक्षित सीटों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।