
Police Constable Recruitment: पुलिस आरक्षक भर्ती की वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। 1600 से अधिक रिक्त पदों पर वेटिंग लिस्ट की दूसरी सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग को लेकर 100 से अधिक युवक-युवतियां पिछले नौ दिनों से डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के कैंप कार्यालय के सामने डेरा डाले हुए हैं।
21 अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन अब अस्थायी धरने से आगे बढक़र अभ्यर्थियों के लिए दिन-रात के संघर्ष में बदल गया है। बारिश के बीच तिरपाल के नीचे रहकर वे धरना दे रहे हैं। खाना बनाने से लेकर सोने तक की व्यवस्था धरना स्थल पर ही कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले सात-आठ महीनों से नियुक्ति की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि नियुक्ति पत्र या ठोस लिखित निर्णय मिलने तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। धरना स्थल पर अभ्यर्थियों ने तिरपाल और टेंट लगाकर अस्थायी व्यवस्था बना ली है। दिनभर नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद रात भी वहीं गुजार रहे हैं। बारिश के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही हैए इसके बावजूद आंदोलन जारी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में मेहनत की, चयन की उम्मीद में महीनों इंतजार किया। जब रिक्त पद है तो वेटिंग लिस्ट की दूसरी सूची से पद भरने का निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने अलग-अलग तरीके अपनाकर शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। पहले दिन कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद वे सडक़ पर ही धरने पर बैठ गए। बाद में डिप्टी सीएम के कैंप कार्यालय के सामने पहुंचकर आंदोलन शुरू किया। दूसरे दिन अभ्यर्थियों ने कार्यालय के सामने हवन-पूजन कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
शाम को ढोल-नगाड़े बजाकर विरोध जताया। तीसरे दिन कुछ अभ्यर्थियों ने सिर मुंडवाकर अपना विरोध दर्ज कराया। चौथे दिन कैंप कार्यालय के सामने रास्ता रोककर धरना दिया गया जो अब तक जारी है। इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अभ्यर्थी अब भी तिरपाल लगाकर कार्यालय के सामने डटे हुए हैं।
आंदोलन के दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा स्वयं प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे और जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। रविवार शाम अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से भी आमने-सामने चर्चा हुई। गृहमंत्री ने समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास किया और शासन की प्रक्रिया से अवगत कराया। लेकिन बातचीत के बाद भी अभ्यर्थियों ने आंदोलन समाप्त नहीं किया। उनका कहना है कि उन्हें लंबे समय से आश्वासन मिल रहा है। अब वे नियुक्ति पत्र अथवा स्पष्ट लिखित निर्णय के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
वेटिंग लिस्ट की दूसरी सूची जारी करने की मांग पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अभ्यर्थियों से चर्चा हुई है और उन्होंने अपनी ओर से प्रस्ताव दिया है। उनके अनुसार इस मामले में सीधे निर्णय नहीं लिया जा सकता। प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले की जानकारी है और शासन ने इस संबंध में एक समिति का गठन किया है। यानी फि लहाल सरकार की ओर से निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है जबकि अभ्यर्थी तत्काल नियुक्ति की मांग पर अड़े हैं। यही वजह है कि नौ दिन बाद भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।