
नाराज अभ्यर्थी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG Police Constable Recruitment: कवर्धा जिले में पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 की वेटिंग लिस्ट जारी नहीं होने से नाराज बेरोजगार युवक-युवतियों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा। वेटिंग लिस्ट में नाम होने के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से नाराज अभ्यर्थियों ने जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट की ओर निकले, लेकिन पुलिस ने सरदार पटेल मैदान के पास रैली को रोक दिया। नाराज अभ्यर्थी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
धरना स्थल पर अभ्यर्थियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 में प्रथम सूची के बाद करीब 1600 पद रिक्त रह गए हैं। इन पदों को सेकंड लिस्ट जारी कर भरे जाने की मांग की जा रही है। अभ्यर्थियों के अनुसार भर्ती में एक ही अभ्यर्थी का एक से अधिक जिलों की चयन सूची में नाम आने के कारण सभी पद नहीं भर पाए और करीब 4367 पद ही भरे जा सके।
अभ्यर्थियों का दावा है कि इस मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट का भी निर्णय आया है। उनका कहना है कि प्रथम सूची से सभी 5967 पद नहीं भरे जा सकते और शेष पदों को सेकंड लिस्ट के माध्यम से भरे जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद करीब सात-आठ महीने बीतने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से वेटिंग लिस्ट जारी होने का इंतजार है। पहले जल्द सूची जारी करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब नए-नए नियमों में उलझाया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लगातार शासन-प्रशासन के सामने अपनी मांग रख रहे हैंए लेकिन कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जा रहा है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में फंसे युवाओं का कहना है कि इससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से रिक्त 1600 पदों को सेकंड लिस्ट के जरिए भरने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
रैली को रोकने के बाद अभ्यर्थियों ने सड़क पर ही प्रदर्शन किया। बाद में तहसीलदार कवर्धा परमेश्वर मंडावी ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की मांग शासन स्तर से जुड़ी है। आवेदन को कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा जाएगा और इस पर निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जा सकता है।
Updated on:
22 Aug 2026 01:25 pm
Published on:
22 Aug 2026 01:24 pm
