Tendu Leaf Collection: कवर्धा जिले में तेंदूपत्ता सीजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि मई के पहले सप्ताह से तेंदूपत्ता खरीदी शुरू हो सकती है।
Tendu Leaf Collection: कवर्धा जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वन विभाग और समितियों ने आगामी सीजन के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। मई के पहले सप्ताह से तेंदूपत्ता खरीदी शुरू होने की संभावना है, जिससे वनांचल के हजारों परिवारों को रोजगार और आय का अवसर मिलेगा।
जिले में इस वर्ष साफ और गुणवत्ता युक्त पत्तों की अधिकतम खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष करीब 40 हजार 100 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदा गया था और इस बार इससे बेहतर प्रदर्शन करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता खरीदी के लिए जिले में 19 समितियों का गठन किया गया है जबकि 24 संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों से पत्तों की खरीदी की जाएगी।
वनांचल क्षेत्रों में इसे हरा सोना कहा जाता है, क्योंकि यह स्थानीय ग्रामीणों के लिए आय का प्रमुख स्रोत है। मुख्य रुप से बैगा और आदिवासी परिवार बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं। इस कार्य से उन्हें सीजन के दौरान अच्छा रोजगार मिलता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
कबीरधाम जिले के वनक्षेत्र में मिलने वाले तेंदूपत्ते की गुणवत्ता अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर मानी जाती है जिसके चलते इसकी बाजार में मांग भी अधिक रहती है। अधिकारियों ने संग्राहकों से अपील की है कि वे साफ और अच्छे पत्तों का संग्रहण करें, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
तेंदूपत्ता संग्रहण न केवल वनांचल के लोगों के लिए रोजगार का माध्यम है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। हर वर्ष बढ़ते लक्ष्य के साथ इस कार्य में अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। वन विभाग का मानना है कि इस वर्ष भी तेंदूपत्ता संग्रहण से बड़ी संख्या में परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा और जिले में यह गतिविधि एक बार फिर हरा सोना साबित होगी।
निखिल अग्रवाल, जिला वनमंडलाधिकारी, कबीरधाम के मुताबिक, इस वर्ष तेंदूपत्ता की खरीदी 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से की जाएगी। यह दर शासन स्तर पर निर्धारित की गई है। इसके अलावा संग्राहकों को बोनस का भी लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में और वृद्धि होगी।
तेंदूपत्ता उत्पादन का नया रिकॉर्ड संभव, अप्रैल से शुरू होगा महा-अभियान- बस्तर में ‘‘हरा सोना’’ कहे जाने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य अप्रैल माह से शुरू होने जा रहा है। बस्तर वन वृत्त के अंतर्गत बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में तेंदूपत्ता के बेहतर उत्पादन और रिकॉर्ड संग्रहण की संभावना जताई जा रही है… पूरी खबर पढ़े