इसमें छोटा हाथी, पीकअप, मिनीडोर समेत अन्य छोटे मालवाहक वाहन सडक़ों पर तेजी से दौड़ते हैं ।
कवर्धा . छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने लगातार हो रहे हादसे व बेलगाम वाहनों को नियंत्रित करने के लिए पिकअप, छोटा हाथी समेत अन्य व्यवसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो पा रहा है। जिले में 30 हजार से अधिक वाहन है। इसमें छोटा हाथी, पीकअप, मिनीडोर समेत अन्य छोटे मालवाहक वाहन सडक़ों पर तेजी से दौड़ते हैं ।
शहर के अंदर भी चालक स्पीड कम नहीं करते। इस वाहनों के चलते सडक़ दुर्घटनाएं भी बढ़ गई है। इसलिए परिवहन विभाग ने स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन यहां इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा भी सख्ती नहीं बरते जाने से चालक भी स्पीड गर्वनर लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। जबकि सबसे अधिक हादसे स्पीड के कारण होते हैं, लेकिन वाहनों में स्पीड गर्वनर नही होने से वाहन चालक मनमाने दौड़ा रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार भी अनदेखी कर रहे हैं।
स्पीड गर्वनर वाहनों में लगाए जाने वाला एक डिवाइस है। इसके लगने के बाद वाहनों की स्पीड नियंत्रित हो जाती है। स्पीड को फिक्स करने के बाद उससे ऊपर वाहन नहीं दौड़ती है। इस डिवाइस के लगने के बाद वाहन चालक अपनी मनमर्जी से अधिक तेज वाहन को नहीं दौड़ा सकता।
स्पीड गर्वनर लगाने के लिए शासन ने करीब तीन माह पहले निर्देश कर चुके हैं। इतने दिनों बाद भी इसका पालन नहीं हो पा रहा है। यातायात नियमों का पालन नहीं करने के साथ ही सुरक्षा पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन इस ओर जिम्मेदार अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।