कवर्धा

UGC रेगुलेशन 2026 का विरोध तेज, सवर्ण एकता मंच ने रैली निकालकर अधिसूचना वापस लेने की मांग की

UGC Regulations 2026: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)द्वारा जारी नई अधिसूचना के विरोध में रविवार को सवर्ण एकता मंच के बैनर तले गांधी मैदान कवर्धा में प्रदर्शन किया गया।

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Mar 16, 2026
यूजीसी की नई अधिसूचना को काला कानून बताते हुए वापसी की मांग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

UGC Regulations 2026 Protest: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)द्वारा जारी नई अधिसूचना के विरोध में रविवार को सवर्ण एकता मंच के बैनर तले गांधी मैदान कवर्धा में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद मंच के कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए प्रशासन को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि जनवरी 2026 में जारी यूजीसी रेगुलेशन 2026 को 15 जनवरी 2026 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस अधिसूचना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा तथा शिकायतों के निवारण के लिए इक्विटी कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है।

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सवर्ण एकता मंच का आरोप है कि इस अधिसूचना में सामान्य वर्ग के छात्रों की सुरक्षा और इक्विटी कमेटियों में उनके प्रतिनिधित्व को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति गंभीर संवैधानिक और विधिक प्रश्न खड़े करती है। मंच के सदस्यों ने यह भी कहा कि अधिसूचना में दुर्भावनापूर्ण या झूठी शिकायतों पर किसी प्रकार के दंड का प्रावधान नहीं है, जिससे नियमों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।

संविधान की भावना के खिलाफ बताया नियम

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह अधिसूचना संविधान में प्रदत्त समानता के मूल अधिकार (अनुच्छेद 14, 15 और 21) की भावना के अनुरूप नहीं है। किसी भी कानून का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के पक्ष में असंतुलन पैदा करना। मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि देश के विकास, प्रशासन, शिक्षा, उद्योग और राजस्व सृजन में सामान्य वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण रहा है लेकिन इसके बावजूद नीतियों के माध्यम से उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

तीन सूत्री मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

सवर्ण एकता मंच ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। यूजीसी की उक्त अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सभी वर्गों के छात्रों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और निष्पक्ष नीति बनाई जाए। शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए झूठी शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधान जोड़े जाएं। यदि इस अधिसूचना में संशोधन नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Published on:
16 Mar 2026 02:31 pm
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