खजुराहो

महिला सरपंच प्रत्याशी का आरोप- ‘तहसीलदार ने बंगले पर बुलाया था नहीं गई तो हरा दिया चुनाव’

- सरपंच प्रत्याशी ने दी आत्मदाह करने की चेतावनी- आरोप: पुनर्मतगणना के बजाए पर्ची डालकर दूसरे को बना दिया सरपंच- कलेक्टर से की तहसीलदार की शिकायत

2 min read
khajuraho.jpg

खजुराहो. खजुराहो जिले के अंतर्जत आने वाली जननपद पंचायत राजनगर की ग्राम पंचायत अकौना की सरपंच प्रत्याशी उमाबाई ने तहसीलदार विजय सेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला सरपंच प्रत्याशी उमाबाई का आरोप है कि तहसीलदार ने उसे 14 जुलाई से पहले बंगले पर मिलने के लिए बुलाया था और जब वो मिलने नहीं गई तो उसे जानबूझकर चुनाव हरा दिया। महिला सरपंच प्रत्याशी ने कलेक्टर से भी शिकायत की है और आत्मदाह की चेतावनी दी है। बता दें कि तहसीलदार विजय सेन त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में रिटर्निंग ऑफिसर थे।

टाई हुआ था मुकाबला
ग्राम पंचायत अकौना में विगत 25 जून को निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न हुई थी जिसमें उमाबाई अहिरवार और मालती प्रजापति को एक समान 246-246 मत मिले थे। 14 जुलाई को खजुराहो के मतगणना स्थल पर पर्ची डालकर सरपंच चुना गया जिसमें मालती प्रजापति को विजय मिली। अब इस प्रक्रिया पर उमाबाई अहिरवार ने सवाल उठाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर (तहसीलदार) पर संगीन आरोप लगाए हैं।



आरोप- बंगले पर मिलने नहीं गई तो हरा दिया चुनाव
महिला सरपंच प्रत्याशी उमाबाई का कहना है कि तहसीलदार विजय कुमार सेन ने 14 तारीख से पहले उसे बंगले पर मिलने के लिए बुलाया था लेकिन वह नहीं गई। जिसके कारण 14 तारीख को उनके द्वारा जानबूझकर रात करीब 12 बजे उनके प्रकरण में सरपंच का निर्वाचन कराया गया। उन्होंने एक पर्ची छोटी तथा एक पर्ची बड़ी बनाई और पर्ची उठाने वाली बच्ची को इशारा करते हुए पर्ची उठवाई। उमाबाई ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में पुन: मतगणना नहीं कराई गई तो वह तहसील कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेगी।

तहसीलदार ने किया आरोपों से इंकार
वहीं इस मामले पर राजनगर तहसीलदार विजय कुमार सेन से जब बात की गई तो उन्होंने अपने पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाए गए हैं वे पूर्णत: असत्य हैं। पूरी प्रक्रिया प्रत्याशियों और पुलिस के समक्ष शत-प्रतिशत निष्पक्षता के साथ कराई गई, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है।

Published on:
19 Jul 2022 09:15 pm