
गुरुवार शहर का बाजार बंद होने से मेडिकल व्यवसायी हुजैफा पिता हामिद (40) अपने यहां काम करने वाले मयंक पिता गोपाल (16), अली असगर पिता मुस्तफा और आयुष पिता सुनील (18) के साथ जावर क्षेत्र के ग्राम अमलपुरा के पास हांडी कुंडी पर पिकनिक मनाने गया था। चारों पानी देखने टापू पर गए थे। शाम करीब छह बजे अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से चार युवक सुक्ता और आबना नदी के बीच बने इस टापू पर फंस गए। चारों ओर तेज बहाव होने के कारण युवक बाहर नहीं निकल पा रहे थे। सूचना मिलते ही जावर थाने से पुलिस टीम के साथ ही एसडीईआरएफ की टीम कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल ने साथियों के साथ बचाव अभियान शुरु किया। कुछ ही देर में प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौडा़, एसपी अगम जैन, एएसपी महेंद्र तारणेकर, हेडक्वार्टर डीएसपी अनिल चौहान सहित पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सुबह तक डटे रहे अधिकारी
रेस्क्यू अभियान के दौरान प्रभारी कलेक्टर डॉ. गौड़ा, पुलिस अधीक्षक जैन, एसडीईआरएफ इंदौर के कंपनी कमांडर रोहन रायकवार, एसडीईआरएफ खंडवा के कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल सहित पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक अधिकारी पूरी रात घटनास्थल पर डटे रहे। ओंकारेश्वर ने गोताखोर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हुए। प्रशासन ने सुक्ता बांध से अतिरिक्त पानी नहीं छोड़े जाने पर भी रोक लगा दी। इसके साथ ही बैकअप के तौर पर एनडीआरएफ उज्जैन की टीम को भी रवाना कर दिया गया था।
सुबह 4:45 बजे चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला
शुक्रवार तड़के जलस्तर में आंशिक कमी आने पर एसडीईआरएफ खंडवा और इंदौर की संयुक्त टीम ने सुरक्षा रस्सियों से नियंत्रित मोटरबोट के जरिए जवान तेज बहाव को पार करते हुए टापू तक पहुंचे। सुबह 4:45 बजे हुजैफा, मयंक , अली असगर और आयुष को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हुजैफा का कहना है कि पिकनिक मनाने गए थे। पानी का बहाव तेज हो जाएगा, यह पता नहीं था। अचानक ही पानी तेज हो गया।
चारों तक सामान पहुंचाने के लिए ड्रोन का उपयोग
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा ने बताया कि शुरुआती प्रयास में रस्सियों के सहारे मोटरबोट को टापू तक पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज जलधारा और उफनती नदी के कारण यह बेहद जोखिमपूर्ण साबित हुआ। इसके बाद ड्रोन से चारों युवकों तक लाइफ जैकेट, पानी और भोजन पहुंचाया। युवकों से लगातार संपर्क बनाकर रखा।