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गुरु पूर्णिमा पर्व… श्री दादाजी धाम खंडवा में बदली व्यवस्थाओं से नहीं टूटी परंपरा, हर घंटे 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

-भीड़ में औसतन एक घंटे में हुए दर्शन, सामान्य अवस्था में 30 मिनट लगे -मंदिर ट्रस्ट के अनुसार मंगलवार-बुधवार को साढ़े तीन लाख श्रद्धालु पहुंचे -बुधवार को सुबह से लेकर रात तक सडक़ों पर पैर रखने की जगह भी नहीं मिली
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खंडवा

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Manish Arora

Jul 30, 2026

Guru Purnima

खंडवा. श्री दादाजी धाम में गुरु पूर्णिमा पर्व पर उमड़ा भक्तों का सैलाब।

गुरु पूर्णिमा पर्व पर बुधवार को आस्था की ऐसी भीड़ उमड़ी की सडक़ों पर पैर रखने की जगह नहीं मिली। चारों नाकों से दादाजी धाम जाने वाले मार्गों पर भक्तों का रेला लगा रहा। मंगलवार देर रात से ही भक्तों की भीड़ उमडऩे लगी थी। मंदिर निर्माण के चलते कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार भीड़ कम रहेगी, लेकिन सारे अनुमान ध्वस्त हो गए। ट्रस्ट ने व्यवस्था बदली तो कोई भी परंपरा नहीं टूटी, बल्कि नई व्यवस्था के चलते सुलभ दर्शन हुए।

रात 3 बजे से लगी दर्शन के लिए कतारें

गुरु पूर्णिमा पर अलसुबह से मंदिर में सेवा के बाद दर्शन शुरू हुए। सेवा के पूर्व रात 3 बजे से ही भक्त दर्शन के लिए 6 नंबर गेट के पास जिगजैग में कतारों में खड़े हो गए थे। मंगलवार रात से बुधवार रात तक 2.5 लाख श्रद्धालु अपने आराध्य श्री बड़े दादाजी महाराज और छोटे दादाजी महाराज के दर्शन कर चुके थे। श्री दादाजी धाम में लगे वॉचिंग कैमरे के रिकॉर्ड अनुसार हर घंटे 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भीड़ में एक व्यक्ति को औसतन एक घंटा दर्शन के लिए लगा। शाम तक जिगजैग से होकर दर्शनार्थियों को निकाला गया। वहीं, रात में भीड़ का लोड कम होने पर बारादरी से सीधे प्रवेश दिया गया।

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निशानों ने की परिक्रमा, दो घंटे चला मशाल जुलूस

कहा जा रहा था कि मंदिर निर्माण के चलते समाधि मंदिर के पीछे खुदाई होने से इस बार निशान परिक्रमा नहीं हो पाएगी। ट्रस्ट ने सुलभ दर्शन के लिए दो अस्थाई ब्रिज बनाए थे। दर्शनार्थियों को 6 नंबर गेट से बारादरी होते हुए इन अस्थाई ब्रिज के माध्यम से दर्शन कराए गए। निशान परिक्रमा के लिए भी यह ब्रिज काम आए और 75 साल पुरानी परंपरा कायम रही। बैतूल, पांढुर्ना, भैंसदेही, नीमगांव सहित अन्य स्थानों से आए निशानों ने परिक्रमा की। वहीं, नीमगांव के श्रद्धालुओं ने मंगलवार रात मशाल जुलूस निकालकर चार बार परिक्रमा की, जो करीब दो घंटे चली।

पांच दिन में साढ़े पांच लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

दादाजी धाम में यूं तो गुरु पूर्णिमा उत्सव 28 से 30 जुलाई तक मनाया जा रहा है, लेकिन पर्व के पहले ही धाम में दर्शन करने, निशान चढ़ाने वालों की भीड़ उमड़ी। ट्रस्ट के अनुसार गुरुवार से सोमवार तक यहां करीब 1.50 लाख लोग दर्शन कर चुके थे। मंगलवार को सवा लाख लोगों ने दर्शन किए, जबकि बुधवार रात तक करीब 2.50 लाख दर्शनार्थी मंदिर पहुंच चुके थे। रात को 108 दीपों से हुई महाआरती में भी 10 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों के आने की संभावना है।

भीड़ में नारियल पर प्रतिबंध, धूनीमाई में हुए अर्पित

भीड़ के दौरान समाधि पर नारियल, प्रसादी, माला चढ़ाना प्रतिबंधित किया गया था। धूनीमाई में नारियल अर्पित करने पर कोई रोक नहीं लगाई गई। दिनभर में यहां करीब एक लाख नारियल धूनीमाई में अर्पित किए गए। सेवा के दौरान साफ-सफाई के लिए धूनीमाई में भी नारियल चढ़ाने से रोकना पड़ा। नारियलों के कारण धूनी माई का तापमान भी करीब 50 डिग्री तक पहुंचा।