
खंडवा. श्री दादाजी धाम में दर्शन के लिए लगी भक्तों की भीड़।
गुरु के प्रति भक्ति के पर्व गुरु पूर्णिमा का महत्व खंडवावासियों के लिए अलग ही है। यहां श्री दादाजी महाराज के प्रति आस्था के साथ ही बाहर से आने वाले भक्तों की सेवा का पर्व भी शहरवासियों के लिए होता है। शहरवासियों के लिए दादाजी की सेवा के साथ उनके भक्तों की सेवा भी सर्वोपरी रहती है। श्री दादाजी धाम में तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा की शुरुआत मंगलवार से हो गई। पर्व के पहले ही दिन सवा लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
श्री दादाजी धाम में गुरु पूर्णिमा का मुख्य दिवस बुधवार को मनाया जाएगा। पर्व से एक सप्ताह पहले ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार तक करीब डेढ़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंगलवार दिनभर निशान चढ़ाने का सिलसिला भी जारी रहा। पांढुर्ना, बैतूल, भैंसदेही, सहित खंडवा व आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु निशान चढ़ाने पहुंचे। दिनभर में 21 सौ से अधिक निशान श्री समाधि पर अर्पित किए गए। पांढुर्ना रथ यात्रा का निशान रात 10 बजे चढ़ाया गया। बुधवार को करीब 2 लाख भक्तों के आने की संभावना है। पर्व की मुख्य आरती रात 8.30 बजे 108 दीपों से की जाएगी।
श्री दादाजी धाम में सुबह सामान्य भीड़ के चलते सीधे एक नंबर गेट से ही दर्शन कराए गए। दोपहर में भीड़ बढऩे पर 6 नंबर गेट से प्रवेश दिया गया, हालांकि बारादरी से सीधे मंदिर में भेजा गया, जिगजैग का उपयोग नहीं किया गया। नए मंदिर निर्माण के चलते यहां बनाए गए अस्थाई पुल से होते हुए सावधानीपूर्वक, सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को निकाला गया।
प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा पर नीमगांव के श्रद्धालुओं द्वारा मशाल जुलूस निकाला जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा मंगलवार रात से शुरू होकर बुधवार रात 8 बजे तक का ही होने के कारण नीम गांव के भक्तों ने एक दिन पहले मंगलवार को ही मशाल जुलूस निकाला। रात 11 बजे नीमगांव के भक्तों ने मशाल लेकर मंदिर की परिक्रमा की।
पर्व को लेकर श्री दादाजी धाम सहित शहरभर में अधिकारियों, पुलिसकर्मियों सहित 863 का बल तैनात किया गया है। पुलिस के साथ स्काउट-गाइड भी पुलिस के मददगार बनकर मेला परिसर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां 1 नंबर गेट के सामने पुलिस कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है और अस्थाई अस्पताल में भी डॉक्टर और स्टाफ तैनात हो गया।
Updated on:
29 Jul 2026 11:53 am
Published on:
29 Jul 2026 11:53 am
