
खंडवा. इस तरह से बनेगा नया मॉर्बल का मंदिर। इनसेट में पुराना मंदिर और वर्तमान मंदिर।
बड़े दादाजी महाराज ने अल्प प्रवास के दौरान खुले मैदान को अपना आशियाना बनाया। उनके समाधिस्थ होते ही छोटे दादाजी महाराज ने एक कुटिया में आश्रम बनाया और दरबार के नियम कायदे बनाए। छोटे दादाजी की समाधि के बाद आश्रम ने वर्तमान रूप लिया। अब बड़े दादाजी महाराज की समाधि शताब्दी वर्ष में श्री दादाजी आश्रम भव्य रूप में दादाजी भक्तो के लिए पंचम धाम बनेगा।
दादाजी धाम में एक भव्य नए मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह मंदिर मकराना के प्रसिद्ध डेढ़ नंबर मार्बल से निर्मित हो रहा है, जो इसकी भव्यता में चार चांद लगाएगा। इतिहास के अनुसार, छोटे दादाजी ने वर्ष 1930 में एक छोटी कुटिया में बड़े दादाजी की समाधि स्थापित कर इस आश्रम की नींव रखी थी। वर्तमान मंदिर परिसर का निर्माण वर्ष 1972 से 1975 के बीच किया गया था।
वर्तमान परिसर में बड़े दादाजी का समाधि मंदिर, छोटे दादाजी का समाधि मंदिर और नर्मदा मंदिर लगभग 2100 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले हुए हैं। बड़े दादाजी समाधि मंदिर के गुंबद की ऊंचाई 41 फीट है, वहीं छोटे दादाजी मंदिर के गुंबद की ऊंचाई 30 फीट है। यह नया मंदिर निर्माण बड़े दादाजी की विरासत को सम्मान देने और आने वाली पीढिय़ों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्यात्मिक केंद्र प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दादाजी आश्रम क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अध्यात्मिक केंद्र रहा है। यह स्थान श्रद्धालुओं को शांति और प्रेरणा प्रदान करता है। बड़े दादाजी और छोटे दादाजी की शिक्षाएं आज भी हजारों लोगों को मार्गदर्शन देती हैं। शताब्दी वर्ष का यह अवसर आश्रम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व को और बढ़ाता है, जिससे यह आने वाले समय में एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा।
23616 वर्गफीट मंदिर का कुल क्षेत्रफल
164 वर्गफीट सामने की चौढ़ाई
144 वर्गफीट पीछे तक लंबाई
101 फीट ऊंचाई बड़े दादाजी मंदिर के शिखर की
71-71 फीट ऊंचे छोटे दादाजी, नर्मदा माई मंदिर के शिखर
108 खंबों से बनेगा श्री दादाजी मंदिर
84 खंबे प्रकट अवस्था में आएंगे नजर
24 खंबे दोनों समाधियों के गर्भगृह की दीवारों में
Updated on:
29 Jul 2026 12:21 pm
Published on:
29 Jul 2026 12:21 pm
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