प्रदेश में गौवंशों की तुलना में भैंसवंस, मुर्गी और बकरी पालन बढ़ा है। पांच साल के भीतर गौवंशों की कुनबे में 43.76 % का अंतर आया है। प्रदेश में छतर, छतरपुर, छिंदवाड़ा और पन्ना में सबसे अधिक 60 % की कमी दर्ज की गई है। जबकि खंडवा, रतलाम, शहडोल और मुरैना में अंतर सबसे कम है। केंद्रीय पशु गणना की रिपोर्ट में गौवंशों की कम होने से विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शासन ने पशु गणना के लिए 31 मार्च तक समय बढ़ा दिया है।
केंद्रीय पशु पालन एवं डेयरी विभाग मंत्रालय ओर से पांच साल के भीतर पशु गणना की जाती है। चालू वर्ष में पशु गणना के दौरान में प्रदेश गौवंशों की कुनबे में 43.76 % का अंतर आया है। प्रदेश में छतर, छतरपुर, छिंदवाड़ा और पन्ना में सबसे अधिक 60 % की कमी दर्ज की गई है। जबकि खंडवा, रतलाम, शहडोल और मुरैना में अंतर सबसे कम है। केंद्रीय पशु गणना की रिपोर्ट में गौवंशों की कम होने से विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शासन ने पशु गणना के लिए 31 मार्च तक समय बढ़ा दिया है।
गौवंशों की तुलना में भैंसवंस, मुर्गी और बकरी पालन बढ़ा
प्रदेश में गौवंशों की तुलना में भैंसवंस, मुर्गी और बकरी पालन बढ़ा है। पांच साल के भीतर गौवंशों की कुनबे में 43.76 % का अंतर आया है। प्रदेश में छतर, छतरपुर, छिंदवाड़ा और पन्ना में सबसे अधिक 60 % की कमी दर्ज की गई है। जबकि खंडवा, रतलाम, शहडोल और मुरैना में अंतर सबसे कम है। केंद्रीय पशु गणना की रिपोर्ट में गौवंशों की कम होने से विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शासन ने पशु गणना के लिए 31 मार्च तक समय बढ़ा दिया है।
दुधारू गौवंशों की ओर बढ़ रही रूचि
पशु गणना रिपोर्ट के अनुसार पशु पालकों में सामान्य गायों की तुलना में दुधारू गौवंशों की ओर रूचि बढ़ी है। इसकी बानगी सांची प्लांट पर बढ़े उत्पादन से लिया गया है। इंदौर संभाग में खंडवा समेत अन्य जिले के सांची प्लांटों पर पिछले साल की तुलना में 8 से 10 % दूध का उत्पादन बढ़ा है। खंडवा सांची प्लांट पर पिछले साल 11-12 हजार लीटर उत्पादन रहा। चालू वर्ष में उत्पादन बढ़कर 16-17 हजार लीटर हो गया है। इसी तरह बुरहानपुर, खरगोन समेत अन्य सीमावर्ती जिले में दूध का उत्पादन बढा़ है। लेकिन गौवंशों की संख्या में गिरावट आई है।
इन गायों में बढ़ रही रूचि
देशी की कई नस्लें हैं, सामान्य देशी गाय की तुलना में गिर, साहीवाल, थारपारकर का पशु पालकों में रूचि बढ़ी है। इसी के साथ कुछ पशु पालकों में विदेश नस्लों जैसी जर्सी, ब्राउन स्विस शामिल है। सामान्य गायों की तुलना में ये गायें ज्यादा दूध देती हैं। पशु डॉक्टर हेमंत कहते हैं कि सामान्य गायें तीन से चार लीटर दूध देती हैं। जबकि गिर जैसी गायें सात से आठ लीटर। इसी तरह भैंसवंश भी सात से आठ लीटर तक दूध देती हैं।
फैक्ट फाइल
प्रदेश में कुल गायों की संख्या ( वर्ष 2018-19 की गणना ) 1.87 करोड़ गाय
प्रदेश में कुल गायों की संख्या ( वर्ष 2024-25 की गणना ) 92.99 लाख गाय
पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष में गायों में अंतर 43.76 %
ज्यादा अंतर वाले चार जिले
जिला गौवंशों में अंतर
हरदा 60. 08
छतरपुर 61 .57
छिंदवाड़ा 61 .55
पन्ना 66.73
कम अंतर वाले चार जिले
जिला अंतर
रतलाम 19.39
मुरैना 20 05
शहडोल 29.30
खंडवा 29.92
नोट : आंकड़़े 25 मार्च की स्थिति में शासन से जिलों को भेजी गई रिपोर्ट से लिए गए हैं।
वर्जन...डॉ विलसन डाबर, ज्वाइंट डायरेक्टर, इंदौर संभाग...पशु गणना का कार्य अभी चल रहा है। अंतर आने वाले जिले में डाटा मिलान का कार्य चल रहा है। अभी कुछ नहीं बता सकते हैं, फाइनल रिपोर्ट आने के बाद कुछ बता सकेंगे।
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