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दो करोड़ के इनाम के लिए कलेक्टर और सीईओ ने खेला बड़ा खेल! अब प्रशासन ने दी सफाई, बताई सच्चाई

MP News: खंडवा कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की तस्वीरों का मामला, राष्ट्रीय जल पुरस्कार को लेकर सामने आया था बड़ा विवाद , अब जिला प्रशासन ने सामने रखी सच्चाई....

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MP News Khandwa

MP News Khandwa: खंडवा कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की वायरल तस्वीरें जिन पर मचा बवाल। (photo:jitu patwari X)

MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि खंडवा कलेक्टर IAS ऋषभ गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ IAS डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने AI से तस्वीरें बनाई और गलत आंकड़े पेश कर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया है। हालांकि जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए पूरे मामले की पूरा सच बताया है।

कौन से पुरस्कार को लेकर लगे आरोप

खंडवा जिला प्रशासन के मुताबिक 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में, खंडवा जिले की कावेश्वर ग्राम पंचायत को द्वितीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अपने हाथों से दिया।

'कैच द रेन' अभियान को मिला देशभर में पहला पुरस्कार

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के मुताबिक खंडवा जिले ने केंद्र सरकार के कैच द रैन अभियान के तहत चलाए गए जल संचय. जल भागीदारी अभियान में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जिले को पुरस्कार के रूप में 2 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

ग्राम पंचायत में हुए इन कार्यों को उत्कृष्ट मानकर दिया सम्मान

ग्राम पंचायत कावेश्वर में पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के लिए कई कार्य किए गए… इनमें कावेरी नदी के उद्गम कुंड का जीर्णोंद्धार, पहाड़ी क्षेत्र में रिज टू वैली मॉडल पर वाटरशेड विकास, 50 हेक्टेयर में कंटूर ट्रेंच, 55 गली प्लग, 35 तालाब और पोखर, वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, हैंडपंप, बोरवेल और रिचार्ज शाफ्ट निर्माण कार्य शामिल हैं। इन्हीं कार्यों के आधार पर इस ग्राम पंचायत को 1.5 लाख रुपए का कैश पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

कांग्रेस ने लगाए आरोप

इस पुरस्कार की तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कांग्रेस का विरोध नजर आया। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पुरस्कार लेते हुए फोटो शेयर किए और पोस्ट में भाजपा पर AI का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। यही नहीं उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि कैसे खंडवा में भाजपा सरकार के अधिकारियों ने जल संरक्षण के नाम पर दो फीट के गड्ढों को AI से कुआं बना दिया, क्षेत्र में तरह-तरह के विकास कार्यों की तस्वीरें बना दी और पोर्टल पर अपलोड कर दीं।

यही नहीं जीतू ने आरोप लगाया कि खंडवा कलेक्टर ने और ग्राम पंचायत ने ये फर्जीवाडा़ कर राष्ट्रपति से पुरस्कार भी ले लिया। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत सामने आई तो वहां खेत और खाली मैदान मिले। जीतू पटवारीन ने इस मामले को 'भाजपा राज में स्मार्ट भ्रष्टाचार' बताया। बता दें कि यही तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हुईं और पोस्ट भी कि ये AI का दुरुपयोग है और भाजपा की चाल।यही नहीं बाकायदा यह भी बताया गया कि कैसे इन तस्वीरों को अपलोड करते समय AI का वॉटरमार्क हटाना भूल गए अधिकारी।

अब जिला प्रशासन ने दी सफाई

मामले में अब खंडवा जिला प्रशासन ने आधिकारिक रूप से उस रिपोर्ट को भ्रामक, तथ्यहीन और प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने भी स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का अभियान से कोई संबंध नहीं है। गौड़ा ने कहा कि इस JSJB 1.0 अभियान के तहत पिछले साल काम शुरू किया गया था। 31 मई 2025 को यह कार्य पूरा हो चुका था।

अभियान को बढा़वा देने के उद्देश्य से ग्रामीण और शहरी स्तर पर जनभागीदारी से विभिन्न संरचनाएं तैयार कराई गईं। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में जो दावा किया जा रहा है कि 1714 फोटो अपलोड किए गए हैं, वो गलत जानकारी है, असल में 1,29,046 कार्यों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई हैं, जिसका डेस्क और फील्ड दोनों तरह से मंत्रालय ने वेरिफिकेशन करवाया। तब जाकर पुरस्कार मिला है।

आरोपों पर सफाई भी

अक्टूबर 2025 की जिन तस्वीरों को लेकर आरोप लगाए गए हैं, वे जल शक्ति कैच द रेन के पोर्टल की हैं। जो JSJB 1.0 से पूरी तरह से अलग हैं। जिला पंचायत सीईओ ने भी इस पर सफाई देते हुए आगे कहा कि पुरानी जनसुनवाई शिकायतों को मिलाकर ये भ्रम फैलाने की कोशिश की है। इन पुरानी शिकायतों पर पहले ही जांच और कार्रवाई की जा चुकी है।

यहां जानें कौन हैं डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा

बता दें कि डॉ. नागार्जुन बी गौडा़ 2019 बैच के IAS अधिकारी हैं। गौड़ा हरदा में पोस्टिंग के दौरान भी आरोपों से घिर चुके हैं। जुर्माना माफ करने और जमीन खरीदने के आरोप में वह चर्चा में रह चुके हैं। वह मूल रूप से कर्नाटक के निवासी हैं। मणिपुर कैडर से अपने IAS करियर की शुरुआत करने वाले गौड़ा यहां से ट्रांसफर के बाद एमपी आए थे। वर्तमान में वे खंडवा जिला पंचायत के सीईओ हैं।

खंडवा के कलेक्टर ऋषभ 2014 के IAS अधिकारी

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं। जल संरक्षण और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल की वजह से चर्चा में हैं। इसी काम में जिला प्रशासन पर खेल करने का आरोप लगा है।