राजनीति...प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पहली बार संसदीय क्षेत्र में आ रहे हैं यादव।
खंडवा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अरुण यादव शनिवार 12 मई को कर्नाटक एक्सप्रेस से खंडवा आएंगे। रेलवे स्टेशन से सीधे जिला कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन पहुंचेंगे। यहां कांग्रेस ने कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया है। इसमें खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, हरदा, बड़वानी सहित अन्य जिलों से पदाधिकारी और कार्यकर्ता आएंगे। कसरावद से विधायक छोटे भाई सचिन यादव शनिवार सुबह 11 बजे खंडवा पहुंच गए। गांधी भवन में उन्होंने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पहली बार संसदीय क्षेत्र में आ रहे यादव यहां एेलान करेंगे कि मैं खंडवा लोकसभा सीट से ही चुनाव लडूंगा। निमाड़ की सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरे क्षेत्र का दौरा करूंगा। साढ़े चार साल पार्टी की कमान संभालने के बाद एेनवक्त पर पद से हटाए जाने को लेकर मन का गुबार भी यहां निकालेंगे। बता दें कि पार्टी के मुखिया के पद से हटाने के तुरंत बाद यादव ने बयान दिया था कि मैं अब न तो लोकसभा चुनाव और न ही विधानसभा चुनाव लडूंगा।
सम्मेलन में शक्ति प्रदर्शन, खरगोन तक रोड शो
निमाड़ में यादव अपनी उपस्थिति दमदारी से दर्ज कराना चाहते हैं, इसलिए उनकी घर वापसी को शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। गांधी भवन परिसर में आयोजित सम्मेलन में 3 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां मीडिया से चर्चा करने के बाद यादव दादाजी धाम जाएंगे। इसके बाद खरगोन तक रोड शो होगा। कसरावद से विधायक छोटे भाई सचिन यादव ने इसके लिए बैठकें कर तैयारी की है।
नंदकुमार के मुकाबले अलग अगवानी की तैयारी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद नंदकुमारसिंह चौहान जब पहली बार 20 अप्रैल को खंडवा आए थे तो उनकी अगवानी करने कम ही कार्यकर्ता पहुंचे थे लेकिन कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की फौज जुटाने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को गांधी भवन में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओंकार पटेल, शहर अध्यक्ष इंदलसिंह पंवार, श्याम यादव, सुनील सकरगाये, जितेंद्र चौधरी, यशवंत सिलावट, विशाल सोनी, गुलशन अरोरा सहित अन्य ने रणनीति बनाई। साथ ही पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को फोन भी लगाए गए।
ये भी जानिए...
- राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यहां पहली बार यादव के मन की बात सामने आएगी
- पार्टी में महासचिव बनाए जाने या पिछड़ा वर्ग में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाओं पर होगी बात
- यादव द्वारा यहां दिए जाने वाले बयान के संसदीय क्षेत्र की राजनीति के दृष्टिकोण से कई मायने सामने आ सकते हैं
- गुटबाजी, पूर्व विधायक राजनारायणसिंह की वापसी का विरोध, जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष बदलने के मुद्दे उठेंगे