मप्र के खंडवा रेलवे स्टेशन पर अरुण यादव को चेहरा दिखाने पहुंचे कांग्रेसियों का हुजूम उमड़ा तो यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
खंडवा. मप्र कांग्रेस अध्यक्ष पद जाने के बाद भी निमाड़ में ताकत दिखाने के लिए अरुण यादव ने पूरा दम लगाया। पद जाने के बाद पहली बार शनिवार को खंडवा में उनकी अगवानी के खंडवा सहित आसपास के जिलों से पदाधिकारी व कार्यकर्ता आए।
खंडवा रेलवे स्टेशन पर दोपहर में कर्नाटक एक्सप्रेस के आने से पहले कांग्रेसियों का हुजूम यहां उमड़ पड़ा। इस ट्रेन से अरुण यादव यहां आ रहे थे। जैसे ही ट्रेन आई, वैसे ही कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता निरंकुश हो गए। अरुण यादव का स्वागत करने और उन्हें माला पहनाने के लिए होड़ मच गई। इस पूरे घटनाक्रम में प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों की फजीहत हुई। कई यात्रियों को तो खुद को बचाने के लिए यहां से दूर हटना पड़ा, जबकि यहां उतरने वाले और यहां से आगे की यात्रा के लिए टे्रन में सवार होने वाले यात्रियों को तो सबसे ज्यादा परेशानी झेलना पड़ी।
अरुण यादव से भी हुई धक्का-मुक्की
कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव भी अछूते नहीं रहे। उन्हें चेहरा दिखाने वाले कुछ ज्यादा ही उत्साहित हो गए और हुजूम के बीच अरुण यादव और उनके छोटे भाई कसरावद विधायक सचिन यादव से भी धक्का-मुक्की हुई।
प्लेटफॉर्म टिकट के बगैर कर गए प्रवेश
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा और यहां की व्यवस्था को धता बताते हुए कांग्रेसियों ने एकसाथ बड़ी संख्या में प्रवेश किया। प्लेटफॉर्म टिकट के बगैर रेलवे स्टेशन में दाखिल हुए इन कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जीआरपी और आरपीएफ के अफसर-कर्मी भी रोकने की बजाय दुआ-सलाम करते नजर आए।
महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा हुई परेशानी
रेलवे स्टेशन पर पहले तो जाते वक्त और फिर इसके बाद वहां से बाहर निकलते हुए कांग्रेसियों ने यात्रियों की सुविधा का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा। मनमानी करते हुए ये अपने नेता को खुद का चेहरा दिखाने की होड़ में रहे। एफओबी से गुजरते वक्त तो पूरे ब्रिज पर ही कांग्रेसी हो गए, इससे यहां यात्रियों खासकर महिलाओं को परेशानी झेलना पड़ी।
पार्टी फोरम में रखूंगा ये बात
मांधाता से पूर्व विधायक राजनारायणसिंह की पार्टी में वापसी कमलनाथ की स्वीकृति से हुई है, जबकि जिला संगठन सहित अरुण यादव खुद इसका विरोध कर रहे हैं। इस बारे में सवाल पूछा गया तो यादव ने कहा कि मैं इस मुद्दे पर फिलहाल कुछ नहीं कहूंगा लेकिन पार्टी फोरम पर इस बात को जरूर रखंूगा। बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पार्टी विरोधी काम किया है। भाजपा के साथ मिलकर पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे लोगों के बारे में राहुल गांधी और कमलनाथ से चर्चा करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि ऐसे लोगों को ही मौका मिले, जिन्होंने पार्टी के लिए काम किया है, पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम किया है।