Bulldozer Action: कार्रवाई के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने आरोप लगाया कि रेलवे द्वारा बिना नोटिस दिए ही मकान तोड़ दिए गए।
MP news: मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में दो अलग-अलग मुद्दों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया। एक तरफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो दूसरी तरफ बाजारों में त्यौहार और शादी के सीजन में बढ़ता ट्रैफिक से जनता परशान है। इससे शहरवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे की जमीन पर बने लगभग 30 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई ने संजय नगर वार्ड में हड़कंप मचा दिया। कई वर्षों से यहां रह रहे परिवारों को अचानक अपने घरों से बेघर होना पड़ा। लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई स्पष्ट सूचना या पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिसके कारण वे अपना सामान तक ठीक से नहीं समेट पाए। कार्रवाई के दौरान कई परिवार खुले मैदान में अपने सामान के साथ खड़े नजर आए, जिससे उनकी स्थिति की गंभीरता साफ झलक रही थी।
दूसरी ओर, शहर के प्रमुख बाजारों में त्योहारी और शादी के सीजन के चलते भीड़ तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती भीड़ का असर ट्रैफिक व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। खासतौर पर घंटाघर चौक, बुधवारा बाजार और रेलवे स्टेशन रोड जैसे व्यस्त इलाकों में अव्यवस्था चरम पर है। यहां सड़क किनारे और कई जगहों पर सड़क के बीच तक ठेले लगने से यातायात बाधित हो रहा है।
नगर निगम द्वारा पहले जिन पथ विक्रेताओं को हाकर्स जोन में शिफ्ट किया गया था, वे अब दोबारा पुराने स्थानों पर लौट आए हैं। उनका तर्क है कि हाकर्स जोन में ग्राहकों की कमी के कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा था। ऐसे में त्योहारों के समय वे भीड़भाड़ वाले बाजारों का रुख करने को मजबूर हैं।
इस मामले को और भी ज्यादा जटिल बना रहा है पार्किंग व्यवस्था का बिगड़ना। ट्रैफिक पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए पार्किंग स्थल भी अब अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिससे वाहन चालकों को जगह नहीं मिल रही और जाम की स्थिति बन रही है।
स्पष्ट है कि एक ओर जहां प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के व्यस्त बाजारों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने में कमी नजर आ रही है। ऐसे में जरूरत है संतुलित और निरंतर कार्रवाई की, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और शहर की व्यवस्था सुचारु बनी रहे। (MP news)