खंडवा

जातिगत जनगणना : भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी बोले कांग्रेस समाज को बांटने की राजनीति कर रही

पत्रिका से चर्चा के दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनिल पटेल ने कहा कि जातीय जनगणना के नाम पर कांग्रेस पार्टी की दोहरी नीति और अवसरवादी राजनीति कर रही है।

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Jun 19, 2025
BJP&CONGRESS
भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी ने कांग्रेस को घेरा

कांग्रेस जब सत्ता में थी तब आंकड़़े जारी नहीं किए

पत्रिका से चर्चा के दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनिल पटेल ने कहा कि जातीय जनगणना के नाम पर कांग्रेस पार्टी की दोहरी नीति और अवसरवादी राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता से बाहर होते ही समाज को जाति के आधार पर बांटने की साजिश रचती है। कांग्रेस जबकि सत्ता में थी तब उसने न तो जातिगत आंकड़़े को सार्वजनिक किया और न ही सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी।

‘ जाति न्याय ’ के नाम पर नया ढोंग रचा जा रहा

प्रदेश सह मीडिया प्रभारी का आरोप है कि यह वही कांग्रेस है जिसने 2011 में जाति आधारित जनगणना तो कराई, लेकिन उसके आंकड़़े आज तक छिपाकर रखे। अब जब विपक्ष में है, तो ‘ जाति न्याय ’ के नाम पर नया ढोंग रचा जा रहा है। यह केवल चुनावी स्वार्थ है, न कि किसी वर्ग के उत्थान की सच्ची चिंता।

कांग्रेस समाज को बांटकर इस्तेमाल करना चाहती

कांग्रेस की राजनीति केवल जाति, समुदाय और वोट बैंक तक सीमित है। वह समाज को बांटकर, भड़का कर और इस्तेमाल कर सत्ता में लौटना चाहती है। जबकि भाजपा का उद्देश्य है,हर वर्ग को साथ लेकर समाज को जोड़ना और न्यायपूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।

सर्वे के आधार पर राष्ट्रीय जनगणना का निर्णय

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने सामाजिक-आर्थिक सर्वे के साथ-साथ जाति आधारित को भी राष्ट्रीय जनगणना का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। यह स्वतंत्र भारत में पहली बार हो रहा है कि इतने व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण से जनगणना की जा रही है।

भाजपा चाहती है न्यायोचित समाज का निर्माण हो

डॉ. पटेल ने दो टूक कहा कि कांग्रेस केवल जातिगत विभाजन कर सत्ता प्राप्त करना चाहती है, जबकि भाजपा जातिगत आंकड़़े के वैज्ञानिक, संवेदनशील और समावेशी उपयोग की पक्षधर है ताकि समरस, सशक्त और न्यायोचित समाज का निर्माण हो।

गिनाई भाजपा की उपलब्धियां :

-ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।

-ईडब्ल्यूएस आरक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी समान अवसर सुनिश्चित किया गया।

-सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास ’ को व्यवहार में उतारा गया है।

Published on:
19 Jun 2025 05:29 pm