
गोंडवाना गणतंत्र की रानी दुर्गावती जयंती पर सोमवार को हरसूद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को जमकर आड़े हाथ लिया। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहुल गांधी पर तंज कसा कि अरे बाबू आज बालाघाट जाने की बात करते हों, जब तुम्हारी सरकार थी, तब जाकर बताते। आज हमने नक्सलवाद का सफाया कर दिया है, आज हमारी सरकार है, डंके की चोट पर पूरे प्रदेश में कहीं भी घूमो, कुछ नहीं होने वाला।
सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रानी दुर्गावती जयंती के अवसर पर हरसूद में निकली शोभायात्र में शामिल हुए। करीब आधा किमी तक सीएम ने गोंड राजघरानों के साथ विंटेज जैसी कार में रोड शो किया। इसके बाद गोंड राजवंशों के विभिन्न गढ़ों से आए 52 वारिसों का सम्मान भी किया गया। सीएम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस से 60 साल में न बिजली थी, न पानी था, न सडक़ थी, अस्पताल तो छोड़ों डॉक्टर भी नहीं थे। हमारी सरकार ने बच्चों की पढ़ाई के लिए सारी सुविधाएं दी, साइकिल से लेकर स्कूटी, लैपटॉप तक बांटे। कांग्रेस के शासनकाल में मंडला, बालाघाट, डिंडोरी को नक्सलियों के लिए फ्री हैंड कर दिया था। चंबल में डाकुओं को पूरी छूट थी, जिसे चाहों मारों, यहां तक की कांग्रेस के नेताओं को ही नक्सलियों मार दिया। लिखीराम कांवरे की हत्या के बाद कांग्रेसी उनके घर बैठने तक नहीं गए। हमारी सरकार ने नक्सलियों का सफाया किया तो वोट के भूखे ये कांग्रेसी अब कहते है कि हम बालाघाट जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरसूद क्षेत्र में चल रही 142 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ ही खंडवा जिले में चारों विधानसभाओं में खेल ऑडिटोरियम, हरसूद में 6 सांदीपनि स्कूलों, खालवा उद्वहन सिंचाई परियोजना, खेतों के बिजली परियोजना की भी घोषणा की। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सांसद दुर्गादास उईके, मप्र शासन कैबिनेट मंत्री विजय शाह, विधायक कंचन तनवे, नारायण पटेल, छाया मोरे, जिपं अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े, महापौर अमृता अमर यादव भी मौजूद रहीं।
मंत्री विजय शाह ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने मेरी विधानसभा में इतना कुछ दिया है कि अब तो मांगते हुए भी शर्म आ रही है। लेकिन अपनी जनता के लिए मैं हमेशा तैयार हूं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि उनकी विधानसभा में एक खेल ऑडिटोरियम और सांदीपनि स्कूल की स्थापना की जाए। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान सौगातों की बौछार कर दी।