खंडवा

फिल्म पद्मावत पर करणी सेना को सीएम ने दिया ये जवाब

फिल्म पद्मावत के मामले में करणी सेना पदाधिकारियों ने सीएम शिवराजसिंह चौहान से ओंकारेश्वर के कोठी हेलीपैड पर मुलाकात की।

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Jan 22, 2018
CM shivraj singh statement to the karni sena on the film Padmavat

खंडवा. मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ये करणी सेना पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने ओंकारेश्वर के कोठी हेलीपैड पर मुलाकात की। करणनी सेना की तरफ से फिल्म पद्मावत पर बात की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि इस विवादित फिल्म के प्रदर्शन पर पूर्णत: रोक लगाई जाए।


सीएम शिवराजसिंह चौहान ने जवाब में करणी सेना पदाधिकारियों से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका की बात कहकर आश्वासन दिया। बता दें कि तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सोमवार को बसंत पंचमी पर १०८ फीट ऊंची शंकराचार्य की प्रतिमा, आचार्य शंकर संग्रहालय और वेदांत संस्थान का भूमिपूजन मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने किया।

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इन्होंने की सीएम से मुलाकात
करनी सेना के पंकजराजसिंह पुरनी और चंद्रपाल सिंह (लाला बना, बड़वाह) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ओंकारेश्वर के कोठी हेलीपैड पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात की। विवादित फिल्म पद्मावत को पूर्णत: प्रतिबंधित करने के लिए ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका का आश्वासन दिया गया। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना पदाधिकारियों के साथ राजपूत समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह जी तोमर मिटावल, विक्रमसिंह चौहान धारकवाड़ी, कौशलेंद्रसिंह तोमर गुजरखेड़ी, महेंद्रसिंह सावनेर डाभी, मंगलेशसिंह तोमर, दीपेंद्रसिंह दीवाल, सुरेंद्रसिंह कुसुम्बिया, मीडिया प्रभारी अर्जुनसिंह, सत्येन्द्रसिंहजी दीवाल, महामंत्री चंद्रपालसिंह घाटाखेड़ी, जितेंद्रसिंह बादल, राजपालसिंह बिलूद, जयपालसिंह राजपुरा, कमलसिंह आशापुर, जगदीश चौहान मूंदी, सुरेंद्रसिंह सावनेर पंधाना, विजेंद्रसिंह तोमर खुटला, शंकर दादा पुरनी के साथ खंडवा व खरगोन के करणी सैनिक उपस्थित थे।

एक दिन पहले बनाई थी रणनीति
फिल्म पद्मावत पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का गुस्सा अब बढ़ गया है। 20 समाजों के प्रतिनिधियों के साथ रविवार को करणनी सेना ने रणनीति बनाकर २२ जनवरी को ओंकारेश्वर पहुंचकर सीएम शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात करने का पूरा प्लान तैयार किया था। सोमवार को सीएम से मिलकर इन्होंने फिल्म का प्रदर्शन रूकवाने की मांग की है। अब 22 जनवरी को शहर में शांति मार्च निकालकर महारानी पद्मावती के सम्मान में ये फिल्म नहीं देखने का संदेश देने की तैयारी भी है। इसके बावजूद थियेटर में फिल्म का प्रदर्शन होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। चुप नहीं रहेंगे, जवाब देंगे।

करणी सेना के साथ जुटे इन समाजों के प्रबुद्धजन
सिख समाज से सुरजीत राजपाल, विहिप से नवनीत अग्रवाल, लोकेंद्रसिंह गौड़, ब्राह्मण समाज से सुनील सकरगाये, वाल्मीकि समाज से विवेक सारसर, राठौर समाज से उत्तम राठौर, कुनबी समाज से वासुदेव पटेल, अहीर समाज से प्रकाश यादव, भिलाला समाज से लक्ष्मणसिंह चौहान, धनगर समाज से रवि आह्वाड़, कायस्थ समाज से सत्यनाथ, भैरव सेना से विनोद पटेल, महादेवगढ़ से पिंटू दरबार, गुजराती समाज से मनोज शाह, हिंदू स्टूडेंट आर्मी से विकास झा, समाजसेवी भूपेंद्रसिंह चौहान, विक्रमसिंह चौहान धारकवाड़ी, इंदलसिंह पंवार, महेंद्रसिंह सावनेर डाभी, जितेंद्रसिंह चौहान, विजेंद्रसिंह तोमर व अन्य जुटे।

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