
Ekatm yatra in Madhya Pradesh to set up Adi Shankaracharyas statue
खंडवा. तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सोमवार को बसंत पंचमी पर 108 फीट ऊंची शंकराचार्य की प्रतिमा, आचार्य शंकर संग्रहालय और वेदांत संस्थान का भूमिपूजन मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने किया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी यहां आने का कार्यक्रम था लेकिन वो नहीं आए। सीएम शिवराज सिंह चौहान , आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज सहित बड़ी संख्या में संत मंडल की मौजूदगी में आदि गुरु शंकराचार्य की सांकेतिक प्रतिमा का अनावरण हुआ। देशभर के कलाकार और विद्वान भी यहां उपस्थित होकर कार्यक्रम के भागीदार बने हैं।
चारों दिशाओं से आईं एकात्म यात्राएं
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश की चार दिशाओं से निकली एकात्म यात्राएं रविवार देर रात तक ओंकारेश्वर पहुंच गईं थी। सबसे पहले उज्जैन की यात्रा ओंकोरश्वर पहुंची। यात्रा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
त्रिस्तरीय मंच की सुरक्षा व्यवस्था
मंच की सुरक्षा डी घेरे में रही। मंच पर एसपीजी और ब्लैक कैट कमांडो रहे जबकि मंच के नीचे एसएएफ और मंच के सामने बने डी में पुलिस के डीएसपी रैंक के अधिकारियों ने कमान संभाली। सिविल में पुलिस के अलावा मंच और आसपास महिला पुलिस और खुफिया तंत्र की पुलिस तैनात रही। पंडाल तैयार होने के बाद सुरक्षा को लेकर पूरे मंच की विशेष जांच की गई।
ये आए अतिथि
एकात्म यात्रा के समापन कार्यक्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पत्नी साधना सिंह के साथ आए। आचार्य महामंडलेश्वर भी निजी हेलीकॉप्टर से आए और आदि शंकराचार्य की अष्ट धातु विशाल प्रतिमा स्थापना व आचार्य शंकर संग्रहालय और वेदांत संस्थान का भूमिपूजन किया।
200 बसों का अधिग्रहण
एकात्म यात्रा में पंचायत स्तर से लोगों को ओंकारेश्वर पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर वाहनों का इंतजाम प्रशासन की ओर से किया गया है। जिले की 200 बसों को भेजा गया है। इसमें 75 से अधिक स्कूली बसें भी शामिल हैं। इन बसों को रविवार को नगर निगम स्टेडियम पर एकत्र सभी बसों को ग्राम पंचायत स्तर पर भेजा गया जो सुबह के समय लोगों को लेकर ओंकारेश्र पहुंचीं। यात्रा में बसों के जाने की चलते सोमवार को इंदौर सहित कई क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
देशगांव से रूट डायवर्ट
एकात्म यात्रा को लेकर प्रशासन ने रूट डावर्ट किया है। इसमें देशगांव से भीकनगांव, खरगोन, कसरावद, खलघाट, धामनोद होते हुए जीवा जी की ओर मोड दिए गए। यात्रा बसों और छोटे वाहनों को केवल छूट दी गई। आते समय भी बड़े वाहनों को वही से इसी रूट से होकर देशगांव तक पहुंचे और खंडवा-बुरहानपुर की ओर निकले। यही नहीं इंदौर जाने वाली यात्री बसों को भी अधिक भीड़ होने पर दूसरी ओर लौटाया गया।
Published on:
22 Jan 2018, 1:57 PM IST
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