धूनीवाले दादाजी के प्रति भक्तों की आस्था
खंडवा.दादाजी धाम में गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। दो दिनी उत्सव में सूर्यास्त की आरती होने से शुक्रवार को ही मुख्य दिवस मना लिया गया था। जबकि शहर में दूसरे दिन शनिवार को गुरु पूर्णिमा मनाई गई। दादाजी धाम में पर्व का समापन शुक्रवार रात 12 बजे मशाल जुलूस और दादा नाम के साथ हुआ। वहीं, चौथे दिन भी शहर में दादाजी नाम की गूंज सुनाई देती रही।
सुबह से लेकर रात तक यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। वहीं, निशान चढ़ाने के लिए भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग दादाजी धाम पहुंचे। जिले सहित शहर में गुरु पूर्णिमा शनिवार को मनाई गई। दादाजी धाम सहित जिलेभर में सभी गुरु गादियों पर भक्तों ने पहुंचकर अपने-अपने गुरु को शीश नवाए। दादाजी धाम में भी भक्तों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया था।
प्रशासन द्वारा कोविड संक्रमण को देखते हुए 21 से 24 तक दादाजी धाम में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था, जिसका कोई असर देखने को नहीं मिला। दादाजी भक्त आते गए और दर्शन कर वापस चले गए, जिसके चलते भीड़ जैसी स्थिति नहीं बनी। दादा दरबार ट्रस्ट के अनुमान अनुसार यहां 15 जुलाई से 24 जुलाई तक एक लाख से अधिक भक्तों ने दादाजी दरबार में दर्शन कर शीश नवाया।