
मानसून के आने से पूर्व जिला प्रशासन और होमगार्ड स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) मिलकर डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान बना रहे है। इस बार होमगार्ड एसडीआरएफ के साथ 1600 आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर मिलकर बाढ़ आपदा राहत प्रबंधन का काम संभालेंगे। इसके लिए एसडीआरएफ द्वारा इन्हें लगातार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
होमगार्ड एसडीआरएफ ने इस साल मानसून में बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए नया प्लान तैयार किया है। इसके लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान और कम्युनिकेशन प्लान के तहत बाढ़ वाले गांवों को चिह्नित करने का काम जारी है। जिन निचली बस्तियों और गांवों में बाढ़ की संभावना है, वहां कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने क्षेत्रीय पोकलेन मशीन और जेसीबी संचालकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए है, जिससे आपदा के समय इनका उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आसपास के स्कूल, पंचायत भवनों को आपदा राहत कैंप बनाए जाने की भी तैयारी है।
इस बार होमगार्ड एसडीआरएफ अपने जवानों के साथ आपदा मित्रों और सिविल डिफेंस वॉलेंटियरों की भी मदद राहत कार्य के लिए लेगा। होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट आशीष कुशवाह ने बताया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए 50 से अधिक होमगार्ड जवान तैयार है। साथ ही 560 आपदा मित्र भी इनके साथ मिलकर काम करेंगे। पूर्व में 360 आपदा मित्र हमारे पास थे, अब नए 200 और जोड़े है। इनके साथ सिविल डिफेंस के एक हजार वॉलेंटियर भी राहत क्षेत्रों में मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे। सभी को बाढ़ आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
डिस्ट्रिक्ट कमांडेट कुशवाह ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों में डिजास्टर रिस्पांस सेंटर (डीआरसी) भी बनाए जाएंगे। ओंकारेश्वर में स्थाई तौर पर डीआरसी बना हुआ है। बाढ़ संभावित क्षेत्र पुराना हरसूद और उससे लगे डूब क्षेत्र के गांवों, बिल्लौरा, आमोदा में अस्थाई डीआरसी के साथ नावों की तैनाती की जाएगी। आमोदा गांव बारिश में चारों ओर से पानी से घिर जाता है, जिसके चलते ग्रामीणों को आने-जाने के लिए एकमात्र सहारा नाव ही है। यहां नाव के साथ लाइफ जैकेट और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए होमगार्ड सहित आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। मानसून के पूर्व 15 जून से सारी तैयारी पूरी कर ली जाएगी। जिला स्तर पर बाढ़ आपदा प्रबंधन का कंट्रोल रूम, गांवों में डीआरसी स्थापित किए जाएंगे। बाढ़ संभावित गांवों को चिह्नित किया जा रहा है।
आशीष कुशवाह, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड