खंडवा

खुली आपदा प्रबंधन की पोल… भारी बारिश में खेगांवड़ा की एप्रोच पुलिया बही, पंधाना से टूटा खंडवा का संपर्क

-भगवानपुरा में दूसरे दिन भी पुलिया पर पानी, बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाए बारिश में जर्जर पुल, पुलियाएं हो रही जल मग्न, कई घंटे मार्ग अवरूद्ध -बारिश में नदी-नालों में बाढ़ के चलते टूट जाता है गांवों का संपर्क
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Jul 02, 2026
Disaster management
खंडवा. पंधाना रोड पर एप्रोच पुलिया बहने से लोग जान जोखिम में डालकर निकलते हुए।

मानसून में बारिश का दौर जारी है, इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की भी पोल खुलने लगी है। बारिश में पुल-पुलियाओं पर नदी-नालों का पानी आने से गांवों का सडक़ संपर्क भी अन्य क्षेत्रों से टूट रहा है। सोमवार की बारिश में खंडवा-पंधाना मार्ग की सैयदपुर खेगांवड़ा के पास एप्रोच पुलिया बहने से खंडवा का सीधा संपर्क पंधाना से टूटा हुआ है। वहीं, मंगलवार को भी बारिश के कारण भगवानपुरा में पुलिया पर पानी होने से बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाए।

मिट्टी से बनी एप्रोच भी बह गई

सोमवार को हुई जोरदार बारिश के चलते जिले के कई क्षेत्रों में नली-नालों के उफान पर आने से राहगीर परेशान होते रहे। खंडवा-पंधाना मार्ग के निर्माण के चलते सैयदपुर खैगांवड़ा में ठेकेदार ने पुल अधूरा छोड़ रखा है। यहां निर्माणाधीन पुल के नीचे ठेकेदार ने छोटी सी एप्रोच बना दी है। सोमवार की बारिश में नाले पर पुर आने से मिट्टी से बनी एप्रोच भी बह गई। जिसके चलते करीब 3 घंटे लोग दोनों ओर खड़े होकर पानी उतरने का इंतजार करते रहे। पानी उतरने के बाद एप्रोच की हालत खराब हो गई और यहां से बड़े वाहनों का निकलना बंद हो गया है। वाहनों को टाकली मोरी और छैगांव से होते हुए डुल्हार, पंधाना के लिए जाना पड़ रहा है। दो पहिया वाहन सवार भी खतरा उठाकर निकल रहे है।

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भगवानपुरा में पुलिया पर पानी, दो घंटे आवागमन बाधित

लगातार दूसरे दिन मंगलवार को हुई बारिश से भगवानपुरा के मुख्य प्रवेश मार्ग पर बनी पुलिया पर तेज बहाव का पानी आ गया। इससे करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। पुलिया पर पानी होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को दोनों ओर इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ ने जान जोखिम में डालकर पुलिया पार की। बच्चे तो स्कूल तक नहीं जा पाए। स्कूली विद्यार्थी, किसान और आम नागरिक इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, जिन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने के लिए आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ऐसे हालात जिले के कई गांवों में

बारिश में जर्जर, पुरानी पुलियाओं, रपटों पर पानी आना नई बात नहीं है। हर बारिश में जिले के कई गांवों में ऐसे ही हालात बनते है। शहर से कुछ दूरी पर ठिटिया जोशी मार्ग पर आबना में बाढ़ आने से खंडवा-अमरावती राजमार्ग का संपर्क टूट जाता है। पिपलौद थाना क्षेत्र में भी डेहरिया नाला पुर आने से कई गांवों से खंडवा का संपर्क कट जाता है। मोहना-अटूट खास में अमाक नदी में बाढ़ आने पर गांव का संपर्क मूंदी-सनावद मार्ग से कट जाता है। मोहद-मूंदी मार्ग पर भी रपटे पर नदी का पानी आने से गांव का संपर्क टूट जाता है।

हापला-दीपला में सरपंच पानी में बैठकर कर चुके विरोध

ग्राम हापला-दीपला में भी सुक्ता नदी में बाढ़ आने से हापला और दीपला गांव आपस में कट जाते है। यहां दीपला के बच्चों को पढऩे हापला जाना पड़ता है। किसानों को अपने खेत जाने का रास्ता बंद हो जाता है। पुलिया पर आने वाली बाढ़ को लेकर कई बार ग्रामीणों, सरपंच, जनपद सदस्य ने मांग उठाई। एक बार तो सरपंच अर्जुनसिंह सोलंकी खुद ही बाढ़ के पानी में करीब 3 घंटे बैठकर विरोध दर्ज करा चुके है। इसके बाद यहां पुल तो स्वीकृत हुआ, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने रूचि नहीं दिखाई। जिसके कारण आज तक ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।

मेरी जानकारी में नहीं है

हापला-दीपला के पुल और भगवानपुरा के पुल की जानकारी मुझे नहीं है। संभवत: फाइल भोपाल में ही है। मैं अभी जबलपुर में हूं, वहां से आकर इसकी जानकारी लेता हूं।
नरेंद्रसिंह मंडलोई, ईई पीडब्ल्यूडी

एसडीएम से कराएंगे जांच

हमारा डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान बना हुआ है। आपात स्थिति के लिए प्रशासन तैयार है। पंधाना रोड की एप्रोच बहने के मामले में एसडीएम पंधाना जांच करेंगे। प्रशासन की अपील है कि बाढ़ की स्थिति में पुल-पुलिया पार न करें।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर

Published on:
02 Jul 2026 12:04 pm