पत्रिका चेंजमेकर...शपथ लेकर लिए तीन अक्षय संकल्प, मुहिम के साथ जुड़े ब्राह्मण, यादव व बलाही समाज।
खंडवा. हम संकल्प लेते हैं कि शहर, जिले, प्रदेश व देश की उन्नति, खुशहाली, एकता व अखंडता के तहत सिस्टम सुधारने के लिए सिस्टम का हिस्सा बनेंगे। राजनीति की गंदगी को साफ करने के लिए बदलाव के नायक बनेंगे। पत्रिका के चेंजमेकर अभियान के तहत राजनीति को स्वच्छ करेंगे। अक्षय तृतीया के दिन लिया गया हमारा ये संकल्प अक्षय रहेगा। जय हिंद...।
ये शपथ अक्षय तृतीया के मौके पर पत्रिका के चेंजमेकर अभियान के तहत ब्राह्मण, यादव व बलाही समाजजन ने लिया। तीन अक्षय संकल्प भी लिए गए। श्री दादाजी कृषि उपज मंडी परिसर दादाजी धाम में बलाही समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में 51 जोड़ों व 5 हजार समाजजन तथा खंडवा के जनपद पंचायत के परिसर में यादव भारूड़ समाज के 13 जोड़ों व 4500 बरातियों ने एक साथ, एक सुर में संकल्प लिया तो वहीं रामेश्वरकुंड पर हुए आयोजन में सर्व ब्राह्मण समाजजन चेंजमेकर अभियान में हिस्सा बने। समाजों के वरिष्ठजन युवाओं के साथ नारी शक्ति ने चैंजमेकर्स अभियान की सराहना करते हुए कहा कि देश की राजनीति दुष्चक्र में फंस गई है। जात-पात, बाहुबल, धनबल और वंशवाद का बोलबाला है, इसका खत्म होना जरूरी है। जनता की तकलीफ, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, देश की प्रगति जैसे मुद्दों पर पर अब किसी का ध्यान नहीं है। हमने हर बार पार्टियों को बदला है लेकिन निराशा ही हाथ लगी है।
स्वच्छ छवि वाले आएं, खुद का विकास न करें
सर्वब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शास्त्री, विश्व ब्राह्मण संघ जिलाध्यक्ष श्याम नारायण शुक्ला ने कहा कि राजनीति को कीचड़ मानकर अच्छे लोग दूरी बनाकर रखते हैं। देश की समस्त नीति का निर्धारण इन्हीं नेताओं के हाथ में है। इसलिए राजनीति में स्वच्छ छवि के लोगों की आगे आने की जरूरत है। इससे ही राजनीति की विसंगतियां दूर होगी। इसके लिए देश के युवाओं को आगे आना होगा। यादव समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि लोगों ने राजनीति को व्यवसाय बना लिया है। राजनीति में लोग देश सेवा के नाम खुद के विकास के लिए आ रहे हैं। ऐसे लोगों को राजनीति से बाहर करने के लिए अच्छे लोगों को राजनीति में आने की जरूरत है।
ये हैं तीन अक्षय संकल्प
- मैं स्वच्छ राजनीति के लिए सक्रियता के साथ अन्य को प्रेरित करूंगा/करूंगी।
- मैं राजनीति में युवा और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाऊंगा/बढ़ाऊंगी।
- मैं आपराधिक अतीत वाले भ्रष्ट और अनैतिक राजनीतिज्ञों का साथ कभी नहीं दूंगा/दूंगी।