
खंडवा : शिक्षक पात्रता परीक्षा @ एआई
स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में बगैर शिक्षक पात्रता परीक्षा की नौकरी करने वाले शिक्षक लामबंद हो गए हैं। सु्प्रीम कोर्ट और स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश को लेकर शिक्षक संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसमें नए शिक्षक आदेश के समर्थन में हैँ और पुराने शिक्षक आदेश के खिलाफ हैं।
प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी में अभी शिक्षकों को राहत नहीं है। 20 से 28 वर्ष तक स्कूलों में पढ़ाने के बाद अब पात्रता परीक्षा देने में पसीना छूट रहा है। सुप्रीम कोर्ट और शिक्षा विभाग के आदेश के दायरे में खंडवा के 1700 शिक्षक आएंगे। इसमें से 409 शिक्षकों को पांच साल की छूट का लाभ मिलेगा। इसमें अधिकतर शिक्षकों परीक्षा पास नहीं कर पाने की आशंका है। इसी लिए विरोध कर रहे हैं।
शिक्षक संयुक्त मोर्चा शिक्षकों के समर्थन में टीईटी के आदेश को निरस्त कराने प्रदर्शन करने की तैयारी में है। इससे पहले सामूहिक रूप से स्कूल शिक्षा विभाग के पीएस को ज्ञापन के माध्य से मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक राहत नहीं मिली है। परीक्षा को लेकर शिक्षक खासे परेशान हैं। कई शिक्षकों ने कहा कि अब बीस साल से अधिक सेवाएं दे चुके हैं। अब नौकरी सुरक्षित करने परीक्षा चुनौती बन गई है।
प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में नए शिक्षकों का मानना है कि टीईटी परीक्षा से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा। यह परीक्षा न्यूनतम मापदंड है। योग्य शिक्षक होने से छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। इसके अलावा शिक्षकों को पदोन्नति आदि का लाभ है। प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका अनुष्का का कहना है कि शिक्षकों का टेस्ट हर तीन साल में एक बार होना जरूरी है। इससे वह स्वयं भी अपडेट रहेंगे। और अच्छे से अध्यापन करा सकेंगे।
वर्ष 1998, 2001, 2003 और 2006 में नियुक्त किए गए शिक्षकों को टीईटी में शामिल किया गया है। पुराने शिक्षकों का कहना है कि यह आदेश सिर्फ दबाव वाला है। 1998 से 2006 के शिक्षकों को अपनी नौकरी सुरक्षित करने परीक्षा पास करनी होगी। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि यदि परीक्षा में असफल हुए तो नौकरी से बाहर हो जाएंगे। माध्यमिक शिक्षक शिवभजन शर्मा का कहना है कि इस आदेश का कोई औचित्य नहीं है। नियम जब से लागू है तब तक के शिक्षकों को इसमें शामिल करना चाहिए।
संयुक्त मोर्चा 8 अप्रेल को मुख्यमंत्री को संबोधित जिला प्रशासन को ज्ञापन देगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा ( टीईटी ) निरस्त किए जाने की मांग को लेकर बुधवार दोपहर 3 बजे शिक्षकों द्वारा धरना दिया जाएगा। इससे पहले कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली जाएगी। यह जानकारी अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा घटक संगठन के सदस्य प्रशांत दीक्षित ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर संगठन के आह्वान पर यह आंदोलन किया जा रहा है।
राज्य शिक्षक संघ की ओर से रिव्यू पिटीशन दायर की गई है। अभी सुनवाई नहीं हुई। इस आदेश के निरस्त किए जाने को लेकर शिक्षकों के विभिन्न संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाकर 8 अप्रेल को प्रदर्शन करेंगे। कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को मांगों का संबोधित ज्ञापन देंगे।
Published on:
08 Apr 2026 11:57 am
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