मध्यप्रदेश खंडवा में शिक्षामंत्री शाह के क्षेत्र में शिक्षा बेहाल है। खालवा के चाडीदा गांव में अफसरों ने स्कूल नहीं बनाई तो खुद चंदाकर झोपड़ी बनाकर स्
आशीष साकले
रोशनी/खंडवा. शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र में ही शिक्षा के हाल बेहाल हैं। गांव के बच्चे स्कूल भवन के अभाव में झोपड़ी में बैठकर पढऩे को विवश हैं। कई बार ग्रा मीणों ने स्कूल भवन की मांग की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब ग्रामीणों ने स्वयं चंदा कर एक झोपड़ी तैयार की है। इसमें प्रतिदिन कक्षाएं लग रही हैं। एक ही स्थान पर कक्षा पहली से पांचवी तक के बच्चे बैठकर पढ़ते हैं।
खालवा विकासखंड के अंतिम छोर पर चाडीदा गांव बसा है। जो शिक्षा मंत्री विजय शाह के विधानसभा क्षेत्र का गांव है। ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित इस गांव की आबादी 1 हजार के करीब है। चाडीदा की प्राथमिक शाला के हाल बेहाल हैं। इसमें 127 बच्चे दर्ज हैं, लेकिन स्कूल भवन नहीं है। यहां बच्चे स्कूल में नहीं, बल्कि टूटी-फूटी झोपड़ी में पढऩे पहुंचते हैं।
शिक्षामंत्री के जिले में ये हाल शिक्षा के
ग्रामीणों एवं शिक्षकों ने कई बार स्कूल भवन की मांग की। अधिकारियों को समस्या भी बताई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। गांव में कम ही लोग शिक्षित हैं। शिक्षा के महत्व को जानकार ग्रामीण बच्चों को शिक्षित बनाने पर जोर दे रहे हैं। वर्षाें मांग करने के बाद भी स्कूल भवन नहीं बन सका। अब ग्रामीणों ने स्वयं ही चंदा कर शिक्षण कार्य के लिए एक झोपड़ी तैयार की है। इसी में गांव के नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे हैं। एक कक्ष में ही कक्षा पहली से पांचवी तक कक्षाएं चल रही हैं।
पहले वन विभाग के भवन में चलता था स्कूल
पहले वन विभाग के भवन में स्कूल चलता था। यह भवन अब खंडहर हो चुका है। इसलिए इसका उपयोग नहीं किया जाता है। जिम्मेदारों की उदासीनता से परेशान होकर गांव वालों ने सभी संभावनाएं तलाशने के बाद एक झोपड़ी में ही स्कूल शुरू किया है। बच्चे प्रतिदिन झोपड़ी में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। भवन के अभाव में पठन-पाठन कार्य प्रभावित हो रहा है।
ये बोले जिम्मेदार
स्कूल भवन स्वीकृत होते ही निर्माण शुरू कराए जाएंगे। स्कूल भवन स्वीकृत होने वाले हैं। - पीएस सोलंकी, डीईओ
इस संबंध में जानकारी नहीं थी। स्कूल भवन के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। -अभिषेक सिंह, कलेक्टर
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