एसपी ने एडिशनल एसपी को सौंपा जांच का जिम्मा, पासपोर्ट ऑफिस में भेजी गई धोखाधड़ी की सूचना
खंडवा. शहर के सट्टेबाज बिल्डर को क्लीनचिट देना पुलिस के एक दरोगा और महिला आरक्षक को मंहगा पड़ गया। इस आपसी साठगांठ की खबर जब एसपी सत्येन्द्र शुक्ला को लगी तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों को निलंबित कर दिया। अब इस पूरे मामले की जांच एडिशनल एसपी सीमा अलावा को सौंपी गई है।
यह है मामला
रीतेश कुमार पिता वंशीलाल गोयल निवासी एलआइजी कॉलोनी ने फरवरी 2023 में पासपोर्ट के लिए ऑन लाइन आवेदन किया था। पुलिस वेरिफिकेशन के लिए जब थाना मोघट रोड में प्रकरण आया तो यहां थाना प्रभारी ने उप निरीक्षक चैतनाथ परिहार को जांच की जिम्मेदारी दी। थाने में पासपोर्ट का काम देखने वाली महिला आरक्षक पुष्पा सिंह ने पुलिस रिकॉर्ड देखने के बाद रिपोर्ट बनाकर भेज दी कि रितेश गोयल के खिलाफ कोई अपराधिक प्रकरण नहीं है। एसपी खंडवा की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद पासपोर्ट अथॉरिटी ने रितेश का पासपोर्ट जारी कर दिया।
सह आरोपी ने के खिलाफ केस
इसके बाद मार्च 2023 में प्रदीप कुमार जैन निवासी जैन छात्रावास शिवाजी चौक खंडवा ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। सट्टे के प्रकरण में यह रितेश के साथ सह आरोपी था। प्रदीप का प्रकरण भी जांच के लिए मोघट रोड थाना पहुंचा। जांच में पाया गया कि इनके विरूद्ध थाना पदमनगर में अपराध क्रमांक 162/19 जुआ एक्ट का केस दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है और इस प्रकरण की अगली सुनवाई 24 जुलाई 2023 को होनी है। थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर पासपोर्ट अथॉरिटी ने प्रदीप का पासपोर्ट जारी नहीं किया।
एसपी के सामने खोली पोल
पासपोर्ट नहीं बनने पर प्रदीप ने मोघट रोड थाना जाकर पता किया तो बताया गया कि सट्टा का प्रकरण होने से प्रकरण में टीप लगाई गई है। तब यह बात सामने आई कि रितेश ने थाना पुलिस से साठगांइ कर अपना वेरिफिकेशन कराते हुए पासपोर्ट प्राप्त किया है। इसकी शिकायत प्रदीप ने एसपी खंडवा से की और फिर बारीकी से जांच में थाना पुलिस की हरकत सामने आई। जिसमें एसपी ने उपनिरीक्षक चैतनाथ और महिला आरक्षक पुष्पा को निलंबित कर जांच बैठाई है। इसमें तत्कालीन थाना प्रभारी भी जांच के दायरे में हैं।
दर्ज हो सकती है एफआइआर
पुलिस विभाग के जानकार बता रहे हैं कि पासपोर्ट जारी कराने के लिए अपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के मामले में एफआइआर दर्ज हो सकती है। इस पूरे मामले की जानकारी एसपी खंडवा की ओर से पासपोर्ट अथॉरिटी को भेजी गई है। अब पासपोर्ट रद्द होने के साथ संबंधित बिल्डर के खिलाफ एफआइआर हो सकती है।
वर्जन...
दोनों एक ही प्रकरण में आरोपी थे। सह आरोपी प्रदीप ने शिकायत की तो जांच में पता चला कि पुलिस वेरिफिकेशन में रितेश के अपराध की जानकारी छिपाई है। इसमें उपनिरीक्षक व महिला आरक्षक को निलंबित कर एडिशनल एसपी को जांच सौंपी है। पासपोर्ट अधिकारी को सूचित कर दिया है। अब पासपोर्ट अधिकारी कार्रवाई तय करेंगे।
- सत्येन्द्र शुक्ला, एसपी, खंडवा