
गुरु पूर्णिमा पर श्री दादाजी धाम आने वाले भक्तों की सेवा का महोत्सव मंगलवार से शुरू हो जाएगा। तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा पर्व का आगाज मंगलवार को होगा। मुख्य दिवस 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। तीन दिन में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इन श्रद्धालुओं के लिए शहर में हर कदम भंडारा प्रसादी से सेवा की जाएगी।
गुरु पूर्णिमा पर्व का खंडवा में अलग ही महत्व है। यहां अवधूत संत श्री केशवानंद महाराज बड़े दादाजी और उनके शिष्य श्री हरिहर भोले भगवान छोटे दादाजी महाराज की समाधि पर शीश नवाने देशभर से भक्त आते हैं। महाराष्ट्र, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा, बैतूल, सांगवी, पंढरी सहित जिलेभर से दादाजी भक्त नंगे पांव पैदल निशान अर्पित करने आते है। सोमवार तक करीब डेढ़ लाख भक्त समाधि दर्शन कर चुके थे। साथ ही सैकड़ों निशान जत्थों द्वारा श्री दादाजी महाराज के चरणों में निशान अर्पित किए जा चुके है। सोमवार तक यहां करीब 2500 निशान अर्पित किए गए। मंगलवार को महाराष्ट्र, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना के निशान यहां अर्पित होंगे।
श्री दादाजी धाम में रविवार से भोजन प्रसादी भी आरंभ हो गई है। प्रतिदिन सैकड़ों भक्त सब्जी-रोटी, दाल-चावल, कड़ी-खिचड़ी की प्रसादी पा रहे है। यहां भक्तों को बांटने के लिए 44 क्विंटल शुद्ध देशी घी की बूंदी प्रसादी भी बनना आरंभ हो गई है। इसमें 11 क्विंटल बेसन, 11 क्विंटल शुद्ध देशी घी और 22 क्विंटल चीनी से बूंदी तैयार की जा रही है।
पांढुर्ना से 17 जुलाई को निकला मनोज गुडधे का जत्था 10 दिन में 360 किमी का सफर कर खंडवा पहुंचा। जत्थे द्वारा दादा धाम एक्सप्रेस को शुरू करने के लिए मंगलवार को श्री दादाजी महाराज के चरणों में निशान अर्पित किए जाएंगे। पांढुर्ना का मामा-भांजे का निशान लेकर पहुंचे पदयात्री। श्रद्धालुओं द्वारा हाथों से रथ खींचकर लाया जा रहा है। ये जत्था भी मंगलवार को निशान अर्पित करेगा। विधायक कंचन तनवे द्वारा छह देव स्थानों से निकाली गई निशान यात्रा। निशान यात्रा में मयूर विहार भागवत कथा समिति के निशान भी शामिल हुए।