हनुवंतिया टापू पर खड़ी दो करोड़ की लागत की हाउस बोट तेज हवाओं के चलते उत्पन्न हुई डेढ़ मीटर ऊंची लहरों में डूबते-डूबते बच गई।तेज़ लहरों में बोट का पिछला हिस्सा डूब गया।
खंडवा/ मध्य प्रदेश का गोवा कहे जाने वाले हनुवंतिया टापू, फिलहाल कोरोना संक्रमण के चलते पर्यटकों का अभाव झेल रहा है। यहां खड़ी दो करोड़ की लागत की हाउस बोट तेज हवाओं के चलते उत्पन्न हुई डेढ़ मीटर ऊंची लहरों में डूबते-डूबते बच गई। पानी की तेज़ लहरों में बोट का पिछला हिस्सा डूब गया। गनीमत रहा कि, नर्मदा में उठी तेज लहरों के दौरान बोट में कोई सैलानी सवार नहीं था। बोट खाली होने के चलते नदी के किनारे खड़ी थी।
तीन में से दो कमरे डूबे
बताया जा रहा है कि, पर्यटन स्थल पर शुक्रवार की सुबह करीब 7 बजे तेज हवा चलने लगी थी, जिसके चलते नर्मदा नदी में करीब 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने लगीं, जिसके चलते किनारे पर खड़ीं पर्यटन विकास निगम की दाे कराेड़ रुपए के लागत वाली हाउस बाेट में पानी भरने लगा। पानी भरने के कारण बोट का पिछला हिस्सा धीरे धीरे पानी में डूबने लगा। हालांकि, इस दौरान बोट नदी के तल पर जाकर टिक गई, जिसके चलते पूरी बोट नदी में नहीं डूब सकी, जिससे पर्यटन विकास निगम का बड़ा नुकसान हो जाता। हालांकि, आधी बोट भी डूबने से तीन में से दो कमरों में पानी भर गया, जिससे इलेक्ट्रिक का पूरा सामान खराब हो गया। बोट के आधे हिस्से में पानी भरने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। फिलहाल कोई अधिकारी इस संबंध में किसी तरह की जानकारी नहीं दे रहाहै।
बता दें कि, कोरोना संक्रमण के चलते हनुवंतिया टापू पर सैलानियों को भ्रमण की अनुमति न मिलने से यहां की सभी हाउसबोट किनारे पर ही खड़ी हैं। तेज लहरों के कारण इस हाउसबोट का आधा हिस्सा नर्मदा के बैक वॉटर में धीरे-धीरे समाने लगा। पर्यटन विभाग को इसकी सूचना मिलते ही तत्काल टीम भेजकर बोट को बचाने का प्रयास किया गया।
2 करोड़ की दो हाउस बोट
आपको याद हो कि, पिछले कुछ सालों पहले ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हनुवंतिया टापू के रूप में पर्यटन स्थल विकसित किया गया है। यहां 2 करोड़ से अधिक की लागत की बनी दो अलग अलग हाउस बोटें भी केरल से मंगवाई गईं थी। दोनो ही हाउसबोट्स में तीन-तीन कमरे हैं, जिसमें पर्यटन पर आए सैलानी परिवार समेत रुक सकें। पर्यटकों ने भी इसका भरपूर आनंद लिया। बता दें कि, पर्यटन विभाग को अब तक इन दोनो हाउस वोटों से करीब 34 लाख का फायदा भी हो चुका है।