खंडवा

जल जीवन मिशन : 50 करोड़ की नल-जल परियोजनाएं फेल, सूख रहे कंठ

केंद्र व प्रदेश सरकार की बहुप्रचारित जल जीवन मिशन योजना पंचायतों में फेल हो रही है। पहले ही गर्मी में 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत की नल-जल परियोजनाओं का जलस्रोत सूख गए। इससे जनता के कंठ सूख रहे हैं।
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Jun 10, 2026
Jal Jeevan Mission
खंडवा : दो करोड़ रुपए लागत की नल-जल परियोजना बनकर तैयार, जलस्रोत सूखने से शो-पीस बनी टंकी।

केंद्र व प्रदेश सरकार की बहुप्रचारित जल जीवन मिशन योजना पंचायतों में फेल हो रही है। पहले ही गर्मी में 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत की नल-जल परियोजनाओं का जलस्रोत सूख गए। इससे जनता के कंठ सूख रहे हैं।

पंचायतों में 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत की नल-जल

परियोजनाएं फेल हो गई। इससे ग्रामीणों के कंठ सूख रहे हैं। पंचायतों की प्यास बुझाने निजी नलकूप अधिग्रहीत किए जाने का दावा है। 17 ग्राम पंचायतों में करीब 35 करोड़ की नल-जल योजनाएं शोपीस बनी हुई हैं। 14 पंचायतों में 25 करोड़ रुपए से अधिक लागत की परियोजनाएं अधूरी हैं।

अमोदा में जलस्रोत सूखा, निजी के भरोसे ग्रामीण

अमोदा ग्राम में नल-जल योजना का जलस्रोत सूख गया। बोर में पंप चालू होने पर एक घंटे भी पानी नहीं निकलता है। एक करोड़ रुपए से अधिक लागत की योजना फेल हो गई। सरपंच-सचिव ने ढाई हजार की आबादी को पानी पिलाने के लिए निजी जल स्रोत को अधिग्रहीत किया गया है।

बाबली ग्राम में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त

पंधाना के बाबली ग्राम पंचायत में नाली के निर्माण के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लाखों रुपए की लागत की नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है। जलापूर्ति ठप होने से डेढ़ हजार आबादी के सामने पेयजल का संकट है। मामले में पंचायत को पाइप लाइन सुधार के लिए तकनीकी स्वीकृति देकर अधिकारी इतिश्री कर लिए हैं।

तोरन्य में पानी के लिए त्राहि-त्राहि

हरसूद के तोरन्या ग्राम में नल-जल परियोजना का जलस्रोत सूख गया है। पानी की आवक क्षमता कमजोर होने से एक करोड़ रुपए से अधिक लागत की योजना फेल हो गई। डेढ़ हजार से अधिक आबादी वाले इस ग्राम में ग्रामीणों की प्यास बुझाने निजी नलकूप अधिग्रहीत किया गया है।

जनपदवार ग्रामों की नल-जल परियोजनाएं फेल

खंडवा : अमोदा , कोटवाड़ा, रामपुरा कला, बड़गांव माल ।

खालवा-हरसूद : खातेगांव, विक्रमपुर, तोरन्या ।

छैगांव माखन : कोलाडिट, आवल्या खारवा, बेडियांव खुर्द।

पंधाना : जामलीखुर्द, बाबली, पुरनपुरा रैयत ।

बलड़ी : डांग, डंठ, नंदाना, अंधारवाड़ी ।

इनका कहना : वर्षा शिवपुरे, कार्य पालन यंत्री

जिला पंचायतों में जलस्रोत कमजोर हुआ है। ऐसी नल-जल परियोजनाओं को चिन्हित किया गया है। पंचायतों में जलापूर्ति के लिए सरपंच-सचिव के माध्यम से निजी नलकूप अधिग्रहीत किए गए हैं। कुछ में राइजिंग पाइप लाइन बढ़ाकर पानी चालू किए गए। सूचना मिलने पर तकनीकी समस्याओं का निराकरण किया जाता है।

Updated on:
10 Jun 2026 08:36 pm
Published on:
10 Jun 2026 08:36 pm