खंडवा

सेलेब्रिटीज नहीं, भगवान हैं इनके क्लाइंट… खंडवा के भरत बनाते हैं ठाकुरजी की पोशाक

जन्माष्टमी विशेष... -17 साल से भगवानों के लिए ही कर रहे कपड़े तैयार, अब तक 35 हजार ड्रेसे बना चुके -जिले के कई मंदिरों की प्रतिमा का नाप टेलर भरत कुवादे के पास मौजूद
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Updated: 2 Sep 2026, 12:08 PM IST
Janmashtami Special
खंडवा. भगवान के लिए ड्रेस तैयार करते भरत कुवादे।

सेलेब्रिटिस के ड्रेस डिजायनर के बारे में तो बहुत सुन रखा होगा, लेकिन भगवान के ड्रेस डिजायनर के बारे में कभी नहीं सुना होगा। जी हां ये सच है, खंडवा में एक टेलर ऐसा भी है जो सिर्फ भगवानों के कपड़े डिजायन करता है। मंदिर हो या घर में विराजित भगवान, श्रद्धालु उनके लिए कपड़े बनवाने भगवान के टेलर के पास ही पहुंचते है। जन्माष्टमी पर लोग राधा-कृष्ण की पोशाक बनवाने के लिए भगवान के टेलर के पास पहुंच रहे हैं।

भगवान के टेलर के रूप में बनी पहचान

कहारवाड़ी निवासी भरत कुवादे बांबे बाजार आशा मार्केट में टेलर की दुकान चलाते है। भरत कुवादे की पहचान अब भगवान के टेलर के रूप में बन गई है। जिले के अधिकतर मंदिरों में इनके द्वारा तैयार किए गए कपड़े ही भगवान को पहनाए जाते है। भरत ने अधिकतर मंदिरों में स्वयं जाकर भगवान की प्रतिमा का नाप ले रखा है। सिर्फ मंदिर का नाम बताना होता है और ये भगवान की ड्रेस बनाकर तैयार कर देते है। जन्माष्टमी हो हनुमान जयंती हो या गणेश उत्सव या नवरात्र, लोग यहां पर भगवान के कपड़े बनवाने के लिए आते रहते है।

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17 वर्षों से कर रहे हैं कार्य

भरत भगवानों की पोशाक सिलने का काम पिछले करीब 17 वर्षों से करते आ रहे हैं। उन्होंने भगवान के कपड़े सिलने का काम अपने पिता से सीखा था। जिसके बाद उन्होंने भगवान की पोशाक तैयार करने के लिए बांबे बाजार के पास दुकान खोली। अब तक भरत कुवादे करीब 35 हजार से अधिक ड्रेस भगवानों के लिए बना चुके है। प्रसिद्ध नागलवाड़ी भिलट मंदिर, बालाजी कृष्ण मंदिर, सराफा गणेश मंदिर, बडक़ेश्वर हनुमान मंदिर सहित कई मंदिरों के भगवान की पोशाक बना चुके हैं।

आसपास के जिले से भी आने लगे लोग

भरत कुवादे ने बताया कि खंडवा बल्कि आसपास के जिलों हरदा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, इंदौर से भी लोग उनकी दुकान पर भगवान की पोशाकें तैयार कराने के लिए आते हैं। इनके पास लगभग सभी मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं के नाप मौजूद हैं और जिस मंदिर का नाप नहीं होता है जाकर ले आते हैं। गर्मियों में सिल्क और रेशमी कपड़े से भगवान की पोशाक बनाते हैं तो सर्दियों में मखमली कपड़ों से भगवान की पोशाक तैयार करते हैं।

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2 Sep 2026, 12:08 PM IST
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