
श्री दादाजी मंदिर निर्माण समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागृह में कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें बंद पड़े निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने और मंदिर के डिजाइन व नक्शे में आवश्यक संशोधन करने पर सहमति बनी। श्री दादाजी मंदिर में तीनों प्रवेश द्वार भी अब 12-12 फीट चौड़े होंगे।
सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चली दादाजी मंदिर निर्माण समिति की बैठक में मंदिर के डिजाइन में सुधार करते हुए तीनों मंदिरों के प्रवेश द्वारों की चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बड़े दादाजी, छोटे दादाजी और नर्मदा माई के मंदिरों के प्रवेश द्वार अब 12-12 फीट चौड़े होंगे। पहले नक्शे में इनकी चौड़ाई नौ-नौ फीट प्रस्तावित थी। इस तरह प्रत्येक प्रवेश द्वार की चौड़ाई में तीन फीट की वृद्धि की गई है। इसका मुख्य कारण पहले डिजाइन में छोटे दादाजी की समाधि से बड़े दादाजी की समाधि के चरण स्पष्ट नजर नहीं आ रहे थे। जिसके चलते ट्रस्ट ने डिजाइन में फेरबदल करने की मांग की थी।
बैठक में निर्माण कार्य को गति देने और आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर भी जोर दिया गया। पहले फेज के फाउंडेशन का काम एक से डेढ़ माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर ने कांट्रेक्टर को सोमवार से जुड़ाई का काम शुरू करने के लिए भी कहा है। इसके साथ आगामी तीनों चरणों के फाउंडेशन पर भी चर्चा की गई। सेकेंड फेज के फाउंडेशन के लिए ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कलेक्टर ने कंसल्टेंट प्रतीक गुप्ता को कहा।
बैठक में मंदिर के डिजाइन में संशोधन, फाउंडेशन के ड्राफ्ट और अन्य संबंधित कार्यों को पूरा करने के लिए समयसीमा भी निर्धारित की गई, ताकि निर्माण की आगामी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। इसके साथ मकराना से आए एक वेंडर से भी चर्चा की गई है। वेंडर से रेट रिवाइज करने को कहा गया। बैठक में अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, जिला पंचायत सीईओ ऐश्वर्य वर्मा, समिति सदस्य भारत झवर, राकेश बंसल, सतीश कोटवाले, मदन भाऊ, तपन डोंगरे, गणेश कानडे, रोचक नागौरी, हिमांशु अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता, आर्किटेक्ट वीरेंद्र त्रिवेदी और कंसल्टेंट प्रतीक गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।