
सावन के दूसरे सप्ताह में इंद्रदेव एक बार फिर मेहरबान हुए है। सोमवार रात से जारी बारिश का दौर मंगलवार रात तक भी चलता रहा। मध्यम के साथ तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। लगातार बारिश से कई गांवों का संपर्क सडक़ मार्ग से टूट गया। सिंचाई परियोजना का बड़ा बांध भगवंत सागर छलक उठा और यहां पांच गेट खोलकर 416.498 क्यूमेक्स पानी रीलिज करना पड़ा। वहीं, इंदिरा सागर बांध का भी जल स्तर लंबे समय बाद बढ़ा है।
सोमवार रात को शुरू हुई बारिश मंगलवार रात तक जारी रही। सुबह रिमझिम तो मध्यम तेज बारिश होती रही। दोपहर में कुछ देर सघन बारिश भी हुई और बिजली भी कडक़ी। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनने और अरब सागर के सिस्टम का सपोर्ट मिलने से भोपाल की ओर से आए बादल बरस रहे है। यह स्थिति बुधवार को भी बनी रह सकती है। हालांकि बारिश की गति धीमी हो जाएगी, लेकिन लगातार बारिश का दौर आगामी सोमवार तक बना रहेगा।
लगातार बारिश के कारण जिले में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। भगवंत सागर सीजन में दूसरी बार ओवरफ्लो हुआ है। एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश में भी भगवंत सागर के दो गेट खोले गए थे। सोमवार-मंगलवार की बारिश के चलते सुबह से 4 गेट एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा था। दोपहर में हालात चिंताजनक होने से पांचवां गेट भी खोलना पड़ा और कुल 416.498 क्यूमेक्स पानी छोडऩा शुरू किया गया, जिससे सुक्ता के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। राजगढ़ के अर्दला डैम भी लबालब भर गया। वहीं अच्छी बारिश के चलते इंदिरा सागर बांध का जल स्तर भी 259.08 मीटर हो गया। हालांकि बांध अब भी करीब 9 मीटर खाली है।
बारिश के कारण आबना में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। दोपहर में तो आबना पूरी तरह से उफान पर आ गई। पानी पंधाना रोड स्थित पुल के ऊपर तक पहुंच गया। खतरे को देखते हुए पुलिस बल और एसडीईआरएफ की तैनाती यहां कर दी गई। यहां दोपहर से शाम तक करीब दो घंटे वाहनों को दोनों छोर पर रोकना पड़ा। वहीं, शहर में भी कई निचले इलाकों में पानी भर गया।
इससे पूर्व सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह 8 बजे तक जिले में करीब 5.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार को करीब 50 मिमी बारिश की संभावना जताई गई है। भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में खंडवा तहसील में 8 मिमी, पंधाना में 8 मिमी, पुनासा में 11 तथा खालवा में दो मिमी वर्षा दर्ज की गई। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 11 अगस्त तक 339.4 मिमी औसत वर्षा की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक जिले में 460.4 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है।