
जिले में फैला अवैध शराब का कारोबार परिवारों को भी बरबाद कर रहा है। अवैध शराब के चलते रोजाना घरों में कलह हो रही है। पति लाड़ली बहना योजना में मिली राशि तक छीन कर ले जा रहे है, घर के राशन का पैसा भी शराब में उड़ा रहे है। आबकारी विभाग है कि इस मामले में कोई कार्रवाई तक नहीं कर रहा। ये पीड़ा मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंची डोंगरगांव और सेगवाल की महिलाओं ने अधिकारियों को सुनाई।
संयुक्त महिला समिति जिलाध्यक्ष ममता मोरे ने बताया कि आबकारी विभाग गांव में बन रही कच्ची शराब को लेकर तो यदा-कदा कार्रवाई करता है, लेकिन किराना दुकानों, घरों में बिक रही शराब को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ठेके से लोग शराब लाकर गांव में बेच रहे है। पुरुष शराब पीकर घरों में मारपीट करते है, छोटे बच्चों का स्कूल जाना तक छूट गया है। किशोरावस्था में पहुंचे बच्चे भी बड़ों को देखकर शराब के जाल में फंस रहे है। घर की महिलाओं को खेतों में मजदूरी कर अपना परिवार पालन पोषण करना पड़ रहा है। अवैध शराब को लेकर कई बार शिकायतें की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब के कारोबार को बंद करने की मांग की।
ग्राम कारपुर से आए ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सीएम राइज स्कूल प्रस्तावित है। कलेक्टर द्वारा इसकी अनुमति भी दी जा चुकी है, लेकिन 3 साल से यहां सीएम राइज स्कूल का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ है। गांव के पुराने हाई स्कूल पर सीएम राइज का बोर्ड लगा दिया गया है। अब पता चला है कि स्कूल का निर्माण कारपुर में न करते हुए अन्य गांव में किया जा रहा है। इसके लिए पटवारी ने जगह की कमी बताकर शासन को पत्र लिख दिया है। जबकि गांव में स्कूल के लिए बहुत जगह है, जिसका चयन भी पहले किया जा चुका है। ग्रामीण बादल, प्रेम सावनेर, हरेमन कनाड़े, मिथुन, नीलेश आदि ने गांव में ही स्कूल बनाने की मांग की।
निमाड़ परिक्षेत्रीय चालक परिचालक कल्याण समिति ने माखनलाल चतुर्वेदी बस स्टैंड पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर ज्ञापन दिया। अध्यक्ष रामचंद्र मालवीया, उपाध्यक्ष राजेश पटेल, सचिव खुर्शीद अली ने बताया कि बस स्टैंड की व्यवस्थाएं बदहाल हो चुकी है। यहां दुकानदारों द्वारा पूरी दुकान बाहर लगाई जा रही है, जिससे चलना फिरना भी मुश्किल हो रहा है। बुकिंग ऑफिस तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। संघ ने बस स्टैंड के अतिक्रमण को हटाने की मांग की।