
dog bite in ratlam
शहर के अलग-अलग इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गलियों, बाजारों और मुख्य मार्गों के साथ ही रहवासी क्षेत्रों में भी कुत्तों के झुंड आसानी से नजर आ जाते हैं। इनके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। आए दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आने से लोगों में डर का माहौल है।
पुरानी मंडी की घटना ने खड़े किए सवाल
पुरानी मंडी क्षेत्र में 3 अगस्त को एक बुजुर्ग के शव को आवारा कुत्तों द्वारा नोचने की घटना ने शहर को झकझोर दिया था। बुजुर्ग की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। इस घटना के अगले दिन निगम ने कुछ घंटे उस क्षेत्र में कार्रवाई कर कुत्तों को पकड़ा, लेकिन अगले ही दिन कार्रवाई थम गई। इसके बाद शहर में फिर वही स्थिति नजर आने लगी है।
रोज आ रहे कुत्ते के काटने के मामले
जिला अस्पताल में एक भी दिन ऐसा नहीं है जब कुत्ते के काटने की मामले नहीं आए हो। सोमवार को भी इमरजेंसी वार्ड में उपचार करवाने वालों की भीड़ रही। 10 से अधिक लोग टीटनेस और रेबिज का इंजेक्शन लगाने पहुंचे। एक महिला को हाथ में आवारा कुत्ते ने काट लिया था। महिला और उपचार करवाने वाले लोगों ने कहा कि आवारा कुत्तों के पकड़ने की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए। शहर में नियमित अभियान चलाकर कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के साथ उनकी नसबंदी और टीकाकरण भी किया जाना जरूरी है।
Updated on:
18 Aug 2026 11:56 am
Published on:
18 Aug 2026 11:56 am
