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ओंकारेश्वर में रील बनाने का जुनून पड़ा भारी, नर्मदा में डूबे चार युवक; एक की मौत

ओंकारेश्वर में फिर हादसा... रील बनाने के चक्कर में गई जान, नर्मदा में डूबे युुवक को एसडीईआरएफ ने निकाला -केवलराम घाट पर लखनऊ उत्तर प्रदेश के चार श्रद्धालु डूबे, तीन को बचाया, एक की मौत -बार-बार हो रही डूबने की घटनाओं के बाद भी सतर्कता नहीं बरत रहे लोग
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खंडवा

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Manish Arora

Aug 19, 2026

Omkareshwar accident

ओंकारेश्वर. डूबे हुए युवक को बाहर लाते एसडीईआरएफ जवान और नाविक। inset मृतक शुभ तिवारी।

तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं के डूबने की घटनाएं निरंतर सामने आ रही है। मंगलवार को रील बनाने के चक्कर में चार युवक नर्मदा में डूब गए। चारों को एसडीईआरएफ ने बाहर निकाला, लेकिन एक युवक की जान बचाई नहीं जा सकी। घटना ओंकारेश्वर के केवलराम घाट पर हुई है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी एसडीईआरएफ, होमगार्ड और यात्रियों द्वारा सतर्कता नहीं बरती जा रही है।

वीडियो बनाने के लिए गए थे गहरे पानी में

मंगलवार दोपहर को ओंकारेश्वर के केवलराम घाट पर लखनऊ उत्तर प्रदेश के चार युवक स्नान करने पहुंचे थे। यहां एसडीईआरएफ द्वारा उन्हें गहरे पानी में ना जाने की समझाइश भी दी गई थी, लेकिन वीडियो, फोटो और रील बनाने के चक्कर में चारों गहरे पानी में चले गए, जिससे सभी डूबने लगे। नाविकों, होमगार्ड और एसडीईआरएफ जवानों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर तीन श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक श्रद्धालु की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।

एक को बचाने तीन भी गहरे पानी में कूदे

जानकारी के अनुसार संतोष पिता केशवनाथ (24), अनिकेत पिता राम सोनकर (23), कमल किशोर पिता रामकुमार (23) और शुभ उर्फ प्रखर पिता आनंद तिवारी (24) नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चारों गहरे पानी में चले जाने से डूबने लगे। साथी शुभ को डूबता देख अन्य तीन साथी बचाने के लिए आगे बढ़े, पानी अधिक होने से वह भी डूबने लगे। घाट पर उपस्थित नविको ने श्रद्धालुओं को डूबते देख नदी में छलांग लगा दी और तीन श्रद्धालुओं को बाहर निकाल लिया। किंतु शुभ गहरे पनी में बैठ गया।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

नाविक मुकेश वर्मा और शंकर वर्मा तथा होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ जवान नागेंद्र शर्मा और उदय सोलंकी तत्काल रेस्क्यू में जुट गए। जवानों और नाविकों ने तीन श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं शुभ उर्फ प्रखर तिवारी को भी गहरे पानी से बाहर निकालकर घाट पर लाए। उसकी हालत गंभीर होने पर मौके पर ही सीपीआर दिया गया और तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इकलौत लडक़ा परिवार में, पिता को कैंसर

मृतक शुभ के साथी कमल किशोर ने बताया कि परिवार का शुभ इकलौत बेटा था। उसके पिता को कैंसर है उसके इलाज का खर्च भी शुभ काम करके उठता था। परिवार में एक बहन और उसकी मां है। अब वह भी नहीं रहा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर साथियों को सौंपा। उसके साथी मृतक के शव को शव वाहिनी से लखनऊ ले गए।