
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को जनसुनवाई में हंगामेदार स्थिति बनी। लंबे समय से अपनी परेशानी को लेकर आ रहे वृद्ध ने जब कलेक्टर के सामने हंगामा करना शुरू किया तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने पकडकऱ बाहर कर दिया। उक्त वृद्ध पूर्व में भी अपनी समस्या को लेकर जनसुनवाई में बिना शर्ट के पहुंचे थे। इस मामले में कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद भी निगम ने वृद्ध की समस्या का हल नहीं किया।
बुजुर्ग प्रकाशचंद राजाणी मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे। यहां कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने उनकी बात सुनी। अपनी समस्या का निराकरण नहीं होने से आक्रोशित प्रकाशचंद पूछने लगे कि कब तक उनकी परेशानी दूर होगी। कलेक्टर ने कहा कि निगम अधिकारियों को कहा है, अब आप जाओ, तो वृद्ध ने कुर्सी पर से उठने से मना कर दिया और हंगामा करने लगे। जिसके बाद कलेक्टर ने सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर वृद्ध को बाहर भिजवाया।
इसके पूर्व 14 जुलाई को भी वृद्ध ने जन सुनवाई के दौरान अपनी शर्ट उतार दी थी। मामला उनकी दुकान से जुड़ा हुआ है, जिस पर पड़ोसियों ने कब्जा कर लिया है। निगम ने पारिवारिक विवाद का मामला बताते हुए 10 साल पहले दुकान बंद करा दी थी। अब पड़ोसी द्वारा वहां तीन मंजिला दुकान बनाई जा रही है।
मूंदी के 1 के रहवासियों ने जनसुनवाई में पट्टों की मांग की। वार्डवासियों ने बताया शासकीय कई परिवार करीब 35 वर्षों से यहां रहकर जीवनयापन कर रहे हैं। वे नगर परिषद को नियमित रूप से कर भी जमा करते आ रहे हैं। आवेदन में कहा गया कि लंबे समय से निवास के बावजूद पात्र परिवारों को अब तक भूखंड का पट्टा नहीं मिल पाया है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित भूमि और परिवारों की नियमानुसार जांच कर पात्र लोगों को पट्टा देने की प्रक्रिया की जाए। साथ ही छूटे परिवारों का भी सर्वे किया जाए। कलेक्टर ने एसडीएम पुनासा को जांच के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिपं सीईओ एश्वर्य वर्मा, अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, अपर कलेक्टर क्षितिज शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।