
लाल चौकी स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली पर्व को लेकर तैयारियां हो चुकी है साथ ही मंदिर में आकर्षक विद्युत सजावट भी गई है। छह दिवसीय पर्व का आरंभ 6 नवंबर से आरंभ होकर 11 नवंबर तक मनाया जाएगा।
महालक्ष्मी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल, राकेश झंवर एवं मंदिर पुजारी पं. बसंत महोदय ने बताया कि शुक्रवार धन त्रयोदशी को प्रात: 5.30 बजे मंगला आरती, 6 बजे काकडा आरती, विशेष पूजन शृंगार आरती 8 बजे, 9 बजे ध्वजा पूजन होगा जिसमें ओंकारनंद महाराज ब्रह्मगीर गुरु गादी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। शाम 6 बजे धनवतंरी पूजन सहित धन के देवता कुबेर का आह्वान के साथ ही कुबेर का विशेष पूजन, कुबेर पोटली बनाई जाएगी जो भाई दूज के बाद भक्तों को वितरित की जाएगी।
इसी तरह रूप चौदस श्री हनुमान जयंती को प्रात: 5.30 बजे मंगला आरती, 6 बजे काकड़ा आरती, विशेष पूजन शृंगार आरती 8 बजे, 9 बजे यम दीपदान, 12 बजे नैवेद्य आरती, विशेष पूजन रात्रि 8 बजे तथा 10 बजे शयन आरती होगी। मंदिर ट्रस्ट कोषाध्यक्ष शैलेष पालीवाल ने बताया कि दीपोत्सव आयोजन को लेकर शुद्ध घी की नुकती महाप्रसादी बनना आरंभ हो गई है।
दीपावली पर्व पर राज राजेश्वरी धाम कोल्हापुर वासिनि महालक्ष्मी माता मंदिर में पांच दिनों तक महालक्ष्मी के भव्य स्वरूपों का शृंगार किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी चैतन्य तांदले ने बताया कि मप्र में यह एकमात्र कोल्हापुर वासिनि महालक्ष्मी माता का मंदिर है। कोल्हापुर स्थित मुख्य मंदिर के अनुसार ही सभी विधियां यहां की जाती हैं। दीप पर्व के प्रथम दिवस, बसुबारस पर महालक्ष्मी का शृंगार विशेष रेशमी वस्त्रों एवं आभूषणों से किया गया। सूक्त पाठ, महाआरती और स्तुति का आयोजन हुआ।
ओंकारेश्वर के प्राचीन कुबेर भंडारी मंदिर में गुरुवार शाम दीपदान के साथ दो दिवसीय धार्मिक आयोजन शुरू हुआ। रात 10 बजे सत्यनारायण कथा हुई। इसके बाद सुबह 4 बजे तक भजन संध्या चली। शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस पर महाअभिषेक, कुबेर लक्ष्मी महायज्ञ, महाआरती और भंडारे का आयोजन होगा। शुक्रवार सुबह 4 बजे कुबेर भंडारी महादेव का महाअभिषेक किया जाएगा। इस दौरान मां नर्मदा और गंगा का पूजन भी होगा। सुबह 6 बजे श्री कुबेर लक्ष्मी महायज्ञ शुरू होगा। सुबह 9.30 बजे महायज्ञ की महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को कुबेर सिद्धि पैकेट दिए जाएंगे। इनमें रुद्राक्ष और कुबेर के प्रसाद के रूप में ज्वार होगा। इसके बाद भजन और भंडारा होगा।