5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कम बारिश का असर… खेतों में सिंचाई के लिए खंडवा में वक्त से पहले शुरू हो गई बिजली की मांग

-दीपावली त्योहार और गर्मी के चलते भी बढ़ी बिजली की खपत -पिछले साल की तुलना में इस बार चार दिन में 103 मेगावॉट अधिक जली बिजली
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

खंडवा

•

image

Manish Arora

•

Updated: 5 Nov 2026, 12:07 PM IST

Khandwa Electricity Demand

फोटो एआई

रबी सीजन से पहले मावठे की बारिश नहीं होने, अल्प वर्षा के चलते गर्मी पडऩे का असर बिजली की मांग पर भी दिख रहा है। वक्त से पहले खेतों में पलेवा, सिंचाई के लिए बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। वहीं, मौसम में अब तक ठंडक नहीं आने से, दीपावली पर्व पर रोशनी के लिए घरों में भी बिजली की खपत अधिक होने लगी है। पिछले साल से तुलना की जाए तो इस सीजन के चार दिन में 103.89 मेगावॉट बिजली अधिक जली है।

बारिश नहीं होने से करना पड़ रही सिंचाई

सोयाबीन, मक्का की कटाई के बाद अब गेहूं-चना, कपास की बोवनी की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार बारिश का सीजन समय से पूर्व ही खत्म हो गया और अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में मावठे की बारिश भी नहीं हुई। जिसके चलते खेतों को नम करने किसानों को अभी से मोटर पंप चलाने पड़ रहे है। इस कारण से बिजली की मांग भी बढ़ गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार रबी सीजन के पहले ही अस्थाई बिजली कनेक्शन भी तीन गुणा अधिक हो चुके है। किसान पलेवा और सिंचाई के लिए बिजली की मांग कर रहा है। विविकं का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

रोशनी के पर्व पर भी बिजली की मांग

दीपावली पर्व धनतेरस से आरंभ हो रहा है, लेकिन घरों पर रोशनी पहले से ही कर ली है। दीपावली सीजन में हर बार बिजली की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार सिंचाई के लिए बिजली की मांग समय से पहले होने के कारण इस बार खपत भी अधिक हो रही है। वर्ष 2024 में दीपावली पर्व के चार दिन 160.79 मेगावॉट बिजली की खपत हुई थी। वर्ष 2025 में दीपावली के चार दिन 139.74 मेगावॉट की खपत हुई थी। पिछले साल दिवाली अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में होने से सिंचाई के लिए बिजली की मांग कम थी। इस साल 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुल 243.63 मेगावॉट बिजली की खपत हुई है। जबकि दीपावली का त्योहार आना बाकी है।

ट्रिपिंग से परेशान हो रहे किसान

बिजली की मांग बढऩे के साथ ही सिंचाई के लिए मिल रही बिजली में ट्रिपिंग से किसान परेशान हो रहे है। सिंचाई के लिए अलग-अलग सेक्टर में 10 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है। किसानों का कहना है कि भले ही शेड्यूल अनुसार बिजली दी जा रही है, लेकिन बीच-बीच में कटौती और ट्रिपिंग के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। मोटरें जलने से किसान परेशान है और सिंचाई नहीं कर पा रहा है। भारतीय किसान संघ जिला मंत्री सुभाष पटेल ने बिजली ट्रिपिंग पर रोक लगाने की मांग की है।

पिछले तीन साल में दीपोत्सव पर बिजली की खपत

वर्ष 2024 में
धनतेरस 29 अक्टूबर को 157.31 मेगावॉट
रूपचौदस 30 अक्टूबर को 163.73 मेगावॉट
दीपावली 31 अक्टूबर को 162.82 मेगावॉट
गोवर्धन पूजा 1 नवंबर को 159.33 मेगावॉट
वर्ष 2025 में
धनतेरस 18 अक्टूबर को 138.07 मेगावॉट
रूपचौदस 19 अक्टूबर को 140.67 मेगावॉट
दीपावली 20 अक्टूबर को 144.93 मेगावॉट
गोवर्धन पूजा 21 अक्टूबर को 135.47 मेगावॉट
वर्ष 2026 में
31 अक्टूबर को 224.04 मेगावॉट
01 नवंबर को 224.99 मेगावॉट
02 नवंबर को 242.19 मेगावॉट
03 नवंबर को 236.89 मेगावॉट
नोट- बिजली की खपत विविकं के अनुसार

लोड बढऩे से कहीं-कहीं समस्या

इस बार सिंचाई के लिए अस्थाई कनेक्शन बढऩे से बिजली की मांग भी बढ़ी है। पिछले साल इसी अवधि तक 600 अस्थाई कनेक्शन थे, जबकि इस साल अब तक 2200 कनेक्शन हो चुके है। अचानक लोड बढऩे से कहीं-कहीं ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। हम तुरंत ही इसका निराकरण भी करवा रहे हैं।
दिलीप कुमार बुके, अधीक्षण यंत्री विविकं