
स्वामित्व योजना में पटवारियों को पार्टी बनाए जाने के विरोध में चल रही सामूहिक हड़ताल सोमवार से समाप्त होगी। शुक्रवार को मप्र पटवारी संघ की सीएम डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। वहीं, शुक्रवार को जिले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्वामित्व अधिकार योजना में निर्देशों का पालन नहीं करने पर 16 पटवारियों को निलंबित करने और 42 को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
ग्रामीण परिवारों को संपत्ति अधिकार संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना लागू की है। इस योजना में लगाए गए पटवारियों को रजिस्ट्री के लिए निष्पादक (जिम्मेदार अधिकारी) बनाया गया है। जिसका विरोध पूरे प्रदेश में हो रहा था। मप्र पटवारी संघ के आह्वान पर सभी पटवारी 7 से 9 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर थे।
शुक्रवार शाम को सीएम हाउस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रांतीय संगठन के अधिकारियों ने चर्चा की। संघ प्रदेशाध्यक्ष अश्विन सैनी ने बताया कि सीएम ने आदेश में संशोधन करने और निलंबित किए गए पटवारियों का निलंबन वापस लेने का आश्वासन दिया है। सोमवार तक आदेश जारी हो जाएंगे, जिसके बाद पटवारी काम पर लौट आएंगे।
जिले में सभी तहसीलों के एसडीएम द्वारा 16 पटवारियों के निलंबन के आदेश जारी किए गए। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि इनमें खंडवा तहसील के चार, पंधाना तहसील के तीन, मूंदी तहसील के दो, पुनासा तहसील के चार, खालवा तहसील के दो तथा हरसूद तहसील का एक पटवारी शामिल है। साथ ही 42 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। उनसे प्राप्त जवाबो के आधार पर उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि जो पटवारी निलंबित किए गए हैं उनमें तहसील खंडवा के रविन्द सेल्दे, अमित गंगराडे, नेपाल गिरवाल, राजेश मंडलोई, पंधाना तहसील के संजीव पटेल, भरत सोनटक्के, सुनिल पाराशर, मूंदी तहसील की पलक गौतम, मयुर घोसले, पुनासा तहसील के अशोक अत्रे, अनोपसिंह ठाकुर, अतुलसिंह कुशवाह, मुकेश कलम, खालवा तहसील के सुनिल पाटील, अनिल कास्डे तथा हरसूद तहसील के कमलचन्द बावनिया शामिल है।