
शारदीय नवरात्र का उल्लास धीरे-धीरे चरम पर पहुंच रहा है। माता के पंडालों में भक्तों की भीड़ उमडऩे लगी है। कहीं मां गंगा के रूप में, कहीं मां सरस्वती के रूप में तो कहीं मां चांद पर विराजित होकर दर्शन दे रही है। इस बार फ्री स्टाइल गरबा नहीं होने से गली-मोहल्लों के पंडालों में गरबा की भी धूम मची हुई है।
हिंगलाज माता नवदुर्गा समिति ने हिंगलाज माता मंदिर में माताजी की एक आकर्षक और सौम्य स्वरूप वाली प्रतिमा स्थापित की है। इस प्रतिमा में माताजी को साफा पहने हुए दर्शाया गया है, जो भक्तों के लिए एक अद्भुत और मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। मंदिर में स्थापित यह नई प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मन्नतों की रानी जय मां वैष्णों मंडल द्वारा इस वर्ष 11वें आयोजन की तैयारी की गई है। मंडल ने चांद पर 15 फीट ऊंची माता प्रतिमा विराजित की है। मंडल के अध्यक्ष अनिकेत चावरे ने बताया कि चंद्र-थीम वाली प्रतिमा भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। उपाध्यक्ष अंशु माहेश्वरी ने बताया कि पंडाल में धार्मिक अनुष्ठान भी चल रहे हैं।
जय मां चामुंडा ग्रुप ने अंबेडकर प्रतिमा के पास 10 फीट ऊंची सरस्वती माता की प्रतिमा स्थापित की है। स्थापना के 52वें वर्ष में माता को मां सरस्वती के स्वरूप में कमल पर विराजित होकर वीणा वादन करते दर्शाया गया है। अध्यक्ष बंटी रील ने बताया कि आयोजन में विक्की रील, करण रील, नवनीत बोयत और लखन घारू भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
इंदिरा चौक स्थित जय माता दी संस्थान ने 55वां स्थापना वर्ष में 23 फीट ऊंची गंगा माता स्वरूप प्रतिमा स्थापित की है। प्रतिमा कैलाश् पर्वत की थीम पर बनाई गई है। पीछे भगवान शिव विष ग्रहण करते नजर आ रहे है। अध्यक्ष अश्विनी साहू, उपाध्यक्ष राम डागौर, शक्तिराज रायकवार, विकास रायकवार, बादल शर्मा, शनि वर्मा सहित सभी सदस्य सेवा दे रहे हैं।