
स्वामित्व योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा गरीब परिवारों को जिनके पास अपनी जमीन के दस्तावेज नहीं है, उनकी नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जा रही है। पहले पटवारियों के विरोध के चलते अब सर्वर डाउन होने के कारण गरीबों की अपनी जमीन का सपना अधूरा ही है। स्वामित्व योजना में जिले में 1.68 लाख रजिस्ट्री होना है, जिसमें से महज अब तक 883 पर ही काम शुरू हो पाया है। अभियान में खंडवा जिला अब तक सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है।
स्वामित्व अधिकार योजना में ग्रामीणों की जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उन्हें वैध दस्तावेज मिल सकेंगे, जिसके कारण वह कानूनी अधिकार मिलने से बैंक लोन सहित अन्य वित्तीय लाभ ले सकते हैं। जिले में 168414 रजिस्ट्री स्वामित्व अभिया के तहत होना है। सोमवार से पटवारियों ने काम शुरू किया तो सर्वर ही बैठ गया। जिसके चलते पहले दिन तो एक भी रजिस्ट्री जिलेभर में नहीं हो पाई। मंगलवार से काम शुरू जरूर हुआ है, लेकिन अब भी ऐप पर कई परेशानियां आ रही है। सर्वर डाउन होने से सारी प्रविष्टियों के बाद एरर आने से रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
जिले में 1.68 लाख रजिस्ट्री पटवारियों को करना है, जिसमें से 883 पर काम शुरू हुआ, लेकिन सर्वर समस्या के चलते महज 158 रजिस्ट्रेशन ही पूरे हो पाए है, 249 रजिस्ट्री का पटवारी वेरिफिकेशन कंपलिट हो चुका है। संपदा एप पर 91 रजिस्ट्री पेंडिंग पड़ी हुई है। प्रदेश की स्थिति देखी जाए तो खंडवा जिला स्वामित्व योजना में बुधवार को 45वें नंबर पर था। जबकि संभाग के 8 जिलों में से 7वें नंबर पर है। जिला भू अभिलेख अधिकारी कैलाश सिंह सिसोदिया ने बताया कि सर्वर ठीक होते ही प्रोग्रेस बढ़ जाएगी। सभी पटवारी अपने काम में लगे हुए है।
पटवारियों ने रजिस्ट्री का काम शुरू कर दिया है, लेकिन सर्वर ही डाउन चल रहा है। ऐप खोलते से ही एरर बताने लगता है। यदि खुल भी गया तो अंत में जाकर बंद हो जाता है। जैसे ही स्थिति ठीक होगी, रजिस्ट्री की संख्या भी बढ़ जाएगी।
अजय सिंह रघुवंशी, जिलाध्यक्ष पटवारी संघ