
सात साल से बन रहे तीन पुलिया ओवर ब्रिज का इस साल भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। इसका सबसे बड़ा कारण सेतू निगम एई, सब इंजीनियर और ठेकेदारों के बीच कोई समन्वय नहीं होना है। एई अपने हिसाब से, सब इंजीनियर्स अपने हिसाब से और ठेकेदार अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे है। इसकी पोल मंगलवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक अगम जैन द्वारा तीन पुलिया ब्रिज निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान खुल गई। कलेक्टर द्वारा जानकारी लेने पर एई अलग, सब इंजीनियर्स अलग और ठेकेदार अलग-अलग जानकारी देते रहे।
मंगलवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने एसडीएम ऋषि सिंघई, सेतू निगम एसडीओ एई जीएल सोलंकी, सब इंजीनियर अरुण गंगराड़े, सब इंजीनियर प्रतीक मंडलोई, यातायात निरीक्षक देवेंद्र सिंह परिहार के साथ तीन पुलिया ओवर ब्रिज की तीनों भुजाओं और रेलवे स्पॉन साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान पुल ठेकेदार आरएस किलेदार, रेलवे स्पॉन ठेकेदार यश जैन, रेलवे सीनियर सेक्शन इंजीनियर एसएससी वर्क जेवाय जोशी को भी साथ रखा।
कलेक्टर- तीन पुलिया के पास अजीब ढंग से चाल निकाल रखी, रोड तक नहीं बनाई, पांच दुकान तुड़वा दी। जवाब मिला- पहले सर्विस रोड बनाएंगे, काम कर दिया है।
कलेक्टर- क्या काम कर दिया है, अजीब सा मोड द दिया है, रिटर्निंग वॉल तोडकऱ पुल सीधा किया जाना है, रोड का लेवल तक नहीं किया, क्या लोग उडकऱ निकलेंगे।
सब इंजीनियर गंगराडे- मुझे विभाग ने इस बारे में जानकारी नहीं दी है।
कलेक्टर- आपकी सोच क्या है, क्या लोग स्टंटमैन है जो वहां से गाड़ी कुदाकर निकलेंगके।
एई सोलंकी- सर वहां रैंप मिला देंगे। कलेक्टर- क्या अस्पताल की रैंप है, जिस पर व्हील चेयर निकाली जाएगी। कुछ तो दिमाग लगाईए।
तीन पुलिया साइट पर यातायात निरीक्षक देवेंद्रसिंह परिहार ने बताया कि पुल को सीधा किए जाने से साइड का रोड सकरा हो जाएगा। इस पर कलेक्टर ने रेलवे के इंजीनियर को बुलाया और एक नंबर प्लेटफार्म की ओर वाली पांच फीट जगह देने के लिए पत्राचार करने को कहा।
रेलवे साइट पर चिडिय़ा मैदान की ओर कलेक्टर ने यहां पियर केप का काम कर रहे रेलवे स्पॉन के ठेकेदार यश जैन से चर्चा की। यहां काम की गति धीमी देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। कलेक्टर ने कहा पहले भी कहा था लेबर बढ़ाओ, ठेकेदार ने कहा सर आज ही 15 लेबर आई है। कलेक्टर ने नाराज होकर कहा 30 लेबर की बात थी। हीरो बनकर आए हो, काम भी हीरो जैसे करो। यदि काम ढंग से नहीं हुआ तो टर्मिनेट नहीं करुंगा, सीधे ब्लैक लिस्ट करने के लिए पत्र लिखेंगे।
यातायात निरीक्षक देवेंद्रसिंह परिहार ने कहा कि पुल और रेलवे स्पॉन के जंक्शन पर कर्व छोटा है, उसे वाइड किया जाए, अन्यथा ब्लैक स्पॉट बनेगा। इस पर कलेक्टर ने कहा यहां से बस मुड़ जाएगी। ठेकेदार ने बताया कि मूल डिजाइन के अनुसार काम कर रहे हैं।
30 सिंतबर तक रेलवे को लांचिंग के लिए पत्र लिखा जाएगा
30 अक्टूबर तक रेलवे जंक्शन की डिजाइन तैयार की जाएगी
15 नवंबर तक तीनों पियर केप का काम पूर्ण किया जाएगा
15 दिसंबर तक रेलवे स्पॉन का फेब्रिकेशन पूरा कराया जाएगा
30 जनवरी तक रेलवे स्पॉन गर्डर की लांचिंग की जाएगी